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 पोरबंदर-द्वारका सेक्सन होंगा’जीरो टॉयलेट डिस्चार्ज

कोचों में लगेंगे जीरो डिस्चार्ज टॉयलेट सिस्टम

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Pushpendra Rajput

Jun 16, 2015

Indian railway

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अहमदाबाद. गुजरात के पोरबंदर-वांसजालिया और कानालुस-द्वारका- ओखा सेक्सनोंं की रेलवे ने जीरो टॉयलेट डिस्चार्ज के तौर पर पहचान की है।इसके मद्देनजर रेलवे इन संभागों से गुजरने वाली ट्रेनों के कोचों में पर्यावरण अनुकूल 'जीरो डिस्चार्ज टॉयलेट सिस्टमÓ लगाकर टॉयलेट डिस्चार्ज किया जाएगा। रेलवे ने 'स्वच्छ भारत मिशनÓ के तहत यह कदम उठाया है।रेलवे यह प्रक्रिया महात्मा गांधी के जन्म दिवस दो अक्टूबर तक पूरा कर लेगा। जहां पोरबंदर महात्मा गांधी की जन्म स्थली है, जिनको स्वच्छता काफी पसंद थी तो द्वारका और ओखा भगवान कृष्ण की कर्मस्थली हैं, जो सबसे बड़ा धार्मिक स्थल है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार रेल पटरियों पर खुले में शौच नहीं हो इसके लिए रेल कोचों में बायो टॉयलेट जारी किएहैं।बायो टोयलेट में विशेष तौर पर बैक्टीरिया विकसित होते हैं, जिससे वेस्ट (शौच) खत्म हो जाता है।और केवल थोड़ा पानी ही (डिस्चार्ज)निकलता है। रेलवे ने इस वर्ष मार्च तक ट्रेनों में 17 हजार से ज्यादा बायो टॉयलेट लगाएथे। देखा जाए तो एक कोच में चार 'जीरो डिस्चार्ज टॉयलेट सिस्टम लगाने में तीन लाखरुपएलगते हैं। इसके अलावा यात्रियों की आसानी के लिए स्लीपर और वातानुकूलित कोचों में मौजूदा सीढिय़ों को भी बदला जाएगा। हालांकि एसी-1 कोचों में सीढिय़ों को बदला जा चुका है और अन्य कोचों के लिए अलग से डिजाइन तैयार की जा रही है।फिलहाल स्लीपर व वातानुकूलित कोचों में सीढिय़ों की डिजाइन तैयार करने की जिम्मेदारी एनआईडी को सौंपा गया है।