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निकाय चुनावः हरियाणा मॉडल पर BJP की रणनीति, बेंगलुरु और तेलंगाना में दिग्गजों को जिम्मेदारी

नितिन नबीन के नेतृत्व में भाजपा की नई रणनीति: निकाय चुनावों में भी 'हरियाणा फॉर्मूला' लागू। बेंगलुरु में राम माधव और तेलंगाना में आशीष शेलार संभालेंगे मोर्चा। कांग्रेस शासित राज्यों में बैलेट पेपर की चुनौती के बीच दिग्गजों के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी।

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Nitin Nabin

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन (Photo - IANS)

नए युवा अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में भाजपा ने एक-एक चुनाव, खासकर कांग्रेस शासित राज्यों में गंभीरता से लड़ेगी। पार्टी ने नगर निगम चुनावों में भी प्रभारी के रूप में दिग्गज नेताओं को कमान सौंप कर नई रणनीति अपनाई है। इसी रणनीति के तहत ग्रेटर बेंगलुरु नगर निगम चुनाव के लिए प्रभारी के तौर पर पूर्व महासचिव राम माधव को तैनात किया गया है जिन्होंने 2024 में जम्मू कश्मीर में प्रभारी के रूप में पार्टी को अच्छी सफलता दिलाई थी। सहप्रभारी सतीश पूनिया राजस्थान के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष हैं और माना जाता है कि हरियाणा प्रभारी के रूप में भाजपा की सरकार की वापसी में उनकी अहम भूमिका रही। हरियाणा के फॉर्मूले को विनिंग रेसिपी के रूप में लगातार दोहराया जा रहा है। दूसरे सह प्रभारी महाराष्ट्र के बोरीवली में एक लाख से बड़ी जीत वाले उत्तर प्रदेश मूल के संजय उपाध्याय हैं।

बैलेट के परिणाम भी पक्ष में लाने की रणनीति

बेंगलुरु की 28 विधानसभा सीटों में भाजपा 16 पर तथा लोकसभा की सभी चार सीटों पर काबिज है ग्रेटर बेंगलुरू अथॉरिटी बनाने के बाद अब बीबीएमपी 5 निगमों का एक समूह है जिसके 369 निगम वार्डों में 120 से ज्यादा गांव-कस्बे और 90 लाख वोटर हैं। ऐसे में इसे मिनी विधानसभा चुनाव माना जा रहा है। कांग्रेस ने इस चुनाव को बैलेट पेपर से करवाने का निर्णय किया है। बीजेपी बड़ी जीत से ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोपों को भी खारिज करना चाहती है। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के खिलाफ नरैटिव खड़ा करने के लिए इन चुनावों को भाजपा महत्वपूर्ण मान रही है।

तेलंगाना में भाजपा देख रही उम्मीद

तेलंगाना में 116 निकायों के चुनाव को भाजपा रेवंत रेड्डी की सरकार को चुनौती के रूप में ले रही है। पार्टी का मानना है कि टीआरएस और कांग्रेस की लड़ाई में जगह बना कर विधानसभा के लिए जमीन तैयार हो सकती है। चुनाव प्रभारी बनाए गए महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार को बीएमसी चुनाव का अच्छा अनुभव है। सह प्रभारी बनाए गए राजस्थान के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष व जयपुर के पूर्व मेयर अशोक परनामी शहरी चुनाव के माहिर माने जाते हैं। दूसरी सह प्रभारी सांसद रेखा शर्मा महिलाओं को जोड़ने के लिए काम करेंगी। तेलंगाना में महिला वोट महत्वपूर्ण हैं।