अहमदाबाद

IIM Ahmedabad PGP: आईआईएम-ए के पीजीपी-एम में अनुभवी विद्यार्थी बढ़े

छात्राएं और गैर इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि के विद्यार्थी घटे

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IIM Ahmedabad PGP: आईआईएम-ए के पीजीपी-एम में अनुभवी विद्यार्थी बढ़े

अहमदाबाद. देश के सबसे बड़े बिजनेस स्कूल भारतीय प्रबंध संस्थान-अहमदाबाद (आईआईएम-ए) के पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (पीजीपी-एम) के वर्ष २०१९-२१ के बैच में कामकाज के अनुभवी विद्यार्थियों की संख्या चार प्रतिशत बढ़ी है। जबकि छात्राओं की संख्या में बीते साल की तुलना में तीन प्रतिशत की और गैर इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों की संख्या में चार प्रतिशत की कमी आई है।
आईआईएम-ए के पीजीपीएम-२०१९-२१ बैच में कुल ३८८ विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है। इसमें करीब आधे यानी ४९ फीसदी विद्यार्थी ऐसे हैं जिन्होंने संस्थान के इस कोर्स में प्रबंधन के गुर सीखने से पहले ही बाजार में कामकाज करने का एक से लेकर तीन वर्ष तक का अनुभव प्राप्त किया हुआ है। वर्ष २०१८-२० के बैच में ऐसे विद्यार्थियों की संख्या ४५ प्रतिशत थी, जबकि २०१७-१९ के बैच में यह संख्या ३८ फीसदी थी।
छात्राओं की बात करें तो २०१९-२१ के बैच में २४ फीसदी छात्राएं हैं, जो वर्ष २०१८-२० के ३९९ विद्यार्थियों के बैच में २७ फीसदी थीं। और २०१७-१९ के ३९५ विद्यार्थियों के बैच में २८ फीसदी थीं।
२०१९-२१ के पीजीपी एम के बैच में गैर इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों की संख्या २९ प्रतिशत है। जो २०१८-२० के बैच के ३३ प्रतिशत की तुलना में चार प्रतिशत कम है। २०१७-१९ के बैच में ३२ फीसदी गैर इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थी थे। २०१६-१८ में ऐसे विद्यार्थियों की संख्या महज २० फीसदी थी। इस साल एक बार फिर से इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों का दबदबा २०१९-२१ के बैच में देखने को मिला है। ऐसे विद्यार्थियों की संख्या इस बैच में ७१ फीसदी है।

अनुभवी विद्यार्थियों से और बेहतर होगा माहौल
इस बात की खुशी है कि वर्ष २०१९-२१ के बैच में बहुविध पृष्ठभूमि और कामकाज का अनुभव रखने वाले विद्यार्थी चयनित हुए हैं। चर्चा आधारित संस्थान की शिक्षा पद्धति के वातावरण में इसके चलते और बेहतरी आएगी।
-प्रो.एरोल डिसूजा, निदेशक, आईआईएम-ए

प्रवेश नीति से मिली मदद
अलग अलग पृष्ठभूमि और कामकाज के अनुभव वाले विद्यार्थी चयनित करने में संस्थान की प्रवेश नीति मददरूप रही। इससे कक्षा में सीखने के अनुभव में और सुधार होगा।
-प्रो.विशाल गुप्ता, अध्यक्ष, प्रवेश समिति, आईआईएमए

पीजीपी-एफएबीएम में कृषि पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थी बढ़े
संस्थान के पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन फूड एंड एग्री-बिजनेस मैनेजमेंट (पीजीपी-एफएबीएम) के २०१९-२१ के बैच में कृषि पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थी बीते बैच की तुलना में बढ़े हैं। ऐसे विद्यार्थियों की संख्या में 13 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। २०१९-२१ के बैच में कृषि पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों की संख्या ४८ फीसदी है, जो २०१८-२० में ३५ फीसदी थी। २०१७-१९ में केवल १५ फीसदी ही थी।
इस साल इस कोर्स में प्रवेश पाने वाले दानिश मेहता बताते हैं कि वे हरियाणा के किसान परिवार से आते हैं। वे खुद का कृषि व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक हैं। इस क्षेत्र के विश्व से नंबर वन संस्थान और कोर्स में प्रवेश पाने में उन्हें सफलता मिली है। यहां उन्हें इस व्यवसाय को अच्छे से समझने में मदद मिलेगी। सीसीएस हरियाणा कृषि विवि से उन्होंने एग्रीकल्चर में बीएससी (ऑनर्स) किया है।

Published on:
20 Jun 2019 11:00 pm
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