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VIDEO : राहुल गांधी की सदस्यता को लेकर गुजरात विधानसभा में हंगामा

कांग्रेस के 17 में से 16 विधायक बजट सत्र से निलंबित, प्रश्नकाल में चर्चा करने का उठाया था मुद्दा, काले कपड़ों में सदन पहुंचे

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गांधीनगर. कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द किए जाने के खिलाफ कांग्रेस के विधायकों के सोमवार को गुजरात विधानसभा में हंगामा मचाने को लेकर कांग्रेस के 17 में से 16 विधायकों को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया। राज्य विधानसभा का बजट सत्र 29 मार्च तक चलेगा। वांसदा से विधायक अनंत पटेल को छोड़कर सदन में कांग्रेस के सभी विधायक मौजूद थे।

कांग्रेस के कुछ विधायकों-इमरान खेड़ावाला, गेनी बेन ठाकोर,अमरतजी ठाकोर को मार्शल की ओर से सदन से बाहर निकाला गया क्योंकि ये विधायक स्पीकर शंकर चौधरी के कई बार गुहार लगाने के बावजूद अपनी सीटों पर जाने से इन्कार कर दिया।इससे पहले, जैसे ही जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ कांग्रेस विधायक दल के नेता अमित चावड़ा ने लोकसभा से राहुल गांधी की अयोग्यता पर चर्चा की मांग की। उन्होंने यह दावा किया कि लोगों से संबंधित मुद्दों को उठाने के लिए उन्हें भाजपा सरकार की ओर से चुप करा दिया गया है।

लेकिन विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी ने प्रश्नकाल में किसी भी चर्चा से इनकार कर दिया। इसके बावजूद चावड़ा चर्चा की मांग पर अड़े रहे। बाद में काले कप़ड़े में सदन में पहुंचे कांग्रेस के अन्य विधायक भी खड़े हो गए और हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर मोदी-अदाणी भाई-भाई के नारे लगाने लगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गौतम अदाणी के संंबंध वाली तख्तियां और तस्वीरें भी दिखाईं।जब सभी 16 विधायकों ने नारेबाजी बंद करने से इनकार कर दिया और वेल में पहुंच गए, तो स्पीकर चौधरी ने विपक्ष को लोगों का समय बर्बाद करने के खिलाफ चेतावनी दी। लेकिन विधायक वेल में डटे रहे। इसके बाद स्पीकर ने उन्हें एक दिन के लिए निलंबित कर दिया और मार्शलों से उन सांसदों को बाहर निकालने के लिए कहा जिन्होंने बाहर जाने से इनकार कर दिया और वेल एरिया में बैठे रहे।

संसदीय कार्य मंत्री ने की कांग्रेस की आलोचनाप्रश्न काल के अंत में संसदीय कार्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने सदन में हंगामा मचाने के लिए कांग्रेस की आलोचना की। साथ ही कांग्रेस के सभी विधायकों को बजट सत्र के शेष दिनों से निलंबित करने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव का दो कैबिनेट मंत्रियों बलवंतसिंह राजपूत और राघवजी पटेल ने समर्थन किया। आम आदमी पार्टी के विधायकों की ओर से कोई आपत्ति नहीं जताए जाने के बाद पटेल की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। स्पीकर ने प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस के सभी विधायकों को बजट सत्र के शेष दिनों के लिए निलंबित कर दिया।

स्पीकर के मुताबिक ये कांग्रेस विधायक काले कपड़े पहनकर आए और नारे लगाए। उन्होंने इस तरह की गतिविधि में शामिल नहीं होने का अनुरोध किया। इस प्रकार विधानसभा के नियम 52 के अनुसार वे कांग्रेस के उन सभी विधायकों को निलंबित करते हैं जिन्होंने सदन में विरोध प्रदर्शन किया और नारे लगाए।इसके बाद, कांग्रेस विधायकों को शेष बजट सत्र के लिए ध्वनिमत से निलंबित कर दिया गया।

………..विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश: चावड़ा

कांग्रेस विधायक दल के नेता चावड़ा ने बाद में मीडिया के समक्ष यह आरोप लगाया कि हम सदन में राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने जैसे कई मुद्दों पर चर्चा करने चाहते थे। कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दे उठाती है, लेकिन सदन में विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जाती है। जबकि भाजपा विधायक को उनके प्रदेश अध्यक्ष सी.आर. पाटिल को बधाई देने तक की मंजूरी दी जाती है, लेकिन हमें हमारे मुद्दे नहीं उठाने दिए जाते। फिर हम क्या करें? हमें पूरे सत्र से निलंबित किया गया है।