
जूनागढ़ जिले में बारिश के कारण भरा पानी।
Ahmedabad news: गुजरात में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। गिर सोमनाथ जिले के गांगड़ा गांव में रविवार तड़के रूपेण नदी का तटबंध टूटने से बाढ़ का पानी रिहायशी इलाके में घुस गया। हालात इतने गंभीर हो गए कि प्रशासन को आधी रात युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाकर करीब 250 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। रविवार को भी राज्य के 97 तहसीलों में बारिश दर्ज की गई। राज्य में अब तक मौसम की 15.26 फीसदी बारिश हो चुकी है।
मौसम विभाग ने सोमवार को आठ जिलों में रेड अलर्ट जारी करते हुए अगले पांच दिनों तक दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है। समुद्र में ऊंची लहरों और तेज हवाओं के चलते सभी बंदरगाहों पर चेतावनी स्वरूप तीन नंबर के सिग्नल दर्शाए जा रहे हैं।गुजरात में सक्रिय मानसून के बीच रविवार को सबसे चिंताजनक स्थिति गिर सोमनाथ जिले के गांगड़ा गांव में देखने को मिली। रात करीब एक बजे लगातार बारिश के कारण गांव के पास बह रही रूपेण नदी में बाढ़ आ गई। इसके चलते नदी का तटबंध टूट गया। देखते ही देखते नदी का पानी नए प्लॉट क्षेत्र और ऊंटवाला रोड इलाके के मकानों में घुस गया।
सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और तहसीलदार कार्यालय, पुलिस, तहसील पंचायत तथा एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने रातभर अभियान चलाकर करीब 250 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया।115 लोगों को ठहरने की व्यवस्था भी कीप्रशासन ने गांगड़ा प्राथमिक विद्यालय और बापा सीताराम आश्रम में राहत शिविर बनाकर 115 लोगों के रहने, भोजन और विश्राम की व्यवस्था की, जबकि अन्य प्रभावित लोग अपने रिश्तेदारों के यहां सुरक्षित पहुंचाए गए। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
रविवार सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक राज्य की 97 तहसीलों में वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक अमरेली जिले के राजुला में 8.98 इंच बारिश हुई। इसके अलावा धारी में 6.85 इंच, खांभा में 5.51 इंच, लीलिया में 4.21 इंच, बगसरा में 4.17 इंच, सावरकुंडला में 3.98 इंच, जाफराबाद में 3.82 इंच तथा गिर सोमनाथ जिले की ऊना तहसील में 3.58 इंच वर्षा दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण आसपास के नदी नालों में उफान देखने को मिला।
बारिश के बढ़ते असर को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग ने सोमवार के लिए डांग, नवसारी, वलसाड, भावनगर, अमरेली, गिर सोमनाथ, दीव तथा दादरा एवं नगर हवेली-दमण में रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं छोटा उदेपुर, नर्मदा, भरूच, सूरत, तापी, राजकोट और जूनागढ़ समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग ने अधिकांश जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और भारी बारिश की संभावना जताई है।
समुद्री क्षेत्र में भी हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर और दक्षिण गुजरात तट पर समुद्र बेहद उग्र रहेगा। तेज हवाओं और ऊंची लहरों की आशंका के मद्देनजर गुजरात के सभी बंदरगाहों पर तीन नंबर के सिग्नल यथावत हैं साथ ही मछुआरों को 5 से 9 जुलाई तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
Updated on:
05 Jul 2026 10:23 pm
Published on:
05 Jul 2026 10:23 pm
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