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पालनपुर-आबूरोड, अहमदाबाद-उदयपुर हाइवे पर भरा बारिश का पानी

थराद में तेज हवा के साथ मूसलाधार बरसात, बस स्टैंड में पानी भरा डीसा में घरों, कोल्ड स्टोरेज के पतरे उड़े

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पालनपुर-आबूरोड, अहमदाबाद-उदयपुर हाइवे पर भरा बारिश का पानी

पाटण जिले की सांतलपुर तहसील के चारणका गांव में शनिवार को भारी बारिश के चलते सोलर पैनल डूब गए। सोलर पैनल की मशीन के ऑफिस में भी पानी भर गया।

पालनपुर. बनासकांठा जिले में बिपरजॉय चक्रवात के असर के कारण तेज हवा के साथ भारी बारिश हुई। जिला मुख्यालय पालनपुर में पालनपुर-आबूरोड हाइवे पर बारिश का पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ। जिले के थराद में तेज हवा के साथ मूसलाधार बरसात होने से बस स्टैंड में पानी भर गया। डीसा में तेज हवा से घरों, कोल्ड स्टोरेज, तबेलों के पतरे उड़ गए।पालनपुर में तीन दिन से लगातार तेज हवा के साथ भारी बारिश के कारण पालनपुर-आबूरोड हाइवे पर, गणेशपुरा, आंबावाडी क्षेत्र में घुटनों तक पानी भर गया। शहर के एरोमा सर्कल से आबूरोड हाइवे तक सड़क के दोनों तरफ पानी भरने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर आवागमन बंद किया गया। इस कारण नए पालनपुर शहर की 15 से ज्यादा सोसायटियों के लोग अपने क्षेत्र में रहने को मजबूर हुए।

जिले के थराद में भी 2-3 दिन से तेज हवा के साथ लगातार हो रही मूसलाधार बरसात के कारण बिजली के खंभे, पेड़ गिर गए और टेलीफोन के तार टूट गए। बस स्टैंड व हाइवे मार्ग पर घुटनों तक पानी भरने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तेज हवा से अनेक दुकानों के शेड के पतरे उड़ गए।जिले के डीसा में भारी बारिश के साथ तेज हवा से घरों व तबेलों के पतरे उड़ गए। डीसा-थराद मार्ग पर कोल्ड स्टोरेज के भी पतरे उड़ कर 100 फीट दूर गिरे। जिले की कांकरेेज तहसील के आकोली गांव में तेज हवा से एक महिला के मकान के पतरे उड़ गए।

राजस्थान में भारी बारिश से बनास नदी में बढ़ा पानी, वाहनों को वापस भेजा

राजस्थान में भारी बारिश से बनास नदी में पानी बढ़ने से राजस्थान के आबूरोड तक पानी पहुंच गया। साथ ही पालनपुर-अंबाजी हाइवे तक पानी भरने से पालनपुर से अंबाजी और दांता की ओर आने वाले वाहनों को वापस भेजा गया। दांता तहसील के मंडाली-जसवंतपुरा गांव से गुजर रही कीड़ी-मकोड़ी नदी में पानी की आवक हुई है।

नडाबेट में चौकी की छत उड़ी

बनासकांठा जिले की सुईगांव तहसील में भारत व पाकिस्तान की सीमा से सटे नडाबेट में भी तेज हवा के साथ भारी बारिश हुई। इस कारण एक चौकी की छत उड़ गई और क्षेत्र में घुटने तक पानी भर गया।

दांता के नवावास गांव में खेत पर भरा पानी, पशुपालकों को सुरक्षित निकाला

पालनपुर. चक्रवाती तूफान बिपरजॉच के बाद बनासकांठा जिले में तेज हवाओं के साथ बारिश होने से दांता तहसील के नवावास गांव में खेतों में पानी भर गया। वहां रहने वाले पशुपालक फंस गए। प्रशासन को सूचना मिलने पर तहसील पंचायत के स्टाफ ने मौके पर पहुंचकर लोगों को घरेलू सामान के साथ सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

हिम्मतनगर : अहमदाबाद-उदयपुर हाइवे पर भरा बारिश का पानी, वाहन चालकों व राहगीरों को परेशानी

हिम्मतनगर. साबरकांठा जिले के मुख्यालय हिम्मतनगर में अहमदाबाद-उदयपुर नेशनल हाइवे पर मोतीपुरा क्षेत्र में शनिवार को बारिश का पानी भरने से वाहन चालकों व राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

चक्रवात बिपरजॉय के प्रभाव के कारण हिम्मतनगर सहित साबरकांठा जिले में तीन दिनों से तेज हवा के साथ बारिश हो रही है। शनिवार सुबह तक पिछले 24 घंटे में तेज हवा और बारिश से हिम्मतनगर के मोतीपुरा क्षेत्र में हाइवे पर पानी भर गया। रिक्शा, बाइक और कार चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा और आर्थिक व शारीरिक नुकसान हुआ। सड़क पर पानी भरने से दुकान तक ग्राहक नहीं पहुंच पा रहे हैं, इस कारण दुकानदारों की रोजी-रोटी भी प्रभावित हो रही है।चाय-नाश्ते के दुकानदार उमंग प्रजापति ने बताया कि बार-बार सड़क किनारे गड्ढे खोदकर उन्हें भर दिया जाता है लेकिन सड़कों के बीच खुली सीवरेज लाइन का कार्य चार साल से पूरा नहीं हुआ है। सड़क पर भरे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। वाहन चालक इस पानी में गिर रहे हैं। जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के बावजूद कोई नतीजा नहीं निकला और चार साल से सड़कों पर पानी भरा है।

गांधीधाम में मकान का छज्जा धराशायी, जनहानि नहीं

गांधीधाम. कच्छ जिले के गांधीधाम शहर में दर्शन भवन का जर्जर छज्जा आंधी के कारण शुुक्रवार देर रात को धराशायी हो गया। हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई लेकिन वहां में रहने वाले परिवारों में दहशत का माहौल है।

देवभूमि द्वारका जिले का एक भी गांव संपर्क विहीन नहीं

जामनगर. देवभूमि द्वारका जिले में बारिश के साथ तेज हवा चलने से विभिन्न स्थानों पर बड़े और छोटे कई पेड़ गिर गए हैं। हालांकि, एनडीआरएफ की टीम द्वारका शहर में हरकत में आई और पेड़ों को हटा दिया। जिले का एक भी गांव संपर्क विहीन नहीं है।

इस संबंध में एनडीआरएफ की छठी बटालियन टीम के देवप्रकाश ने कहा कि ऐसी कोई शिकायत या सूचना नहीं थी कि तूफान से कोई बड़ा नुकसान हुआ है और टीम को कोई गंभीर ऑपरेशन नहीं करना पड़ा। पेड़ गिरने की खबरें आ रही हैं और टीम सुबह से ही काम कर रही है। विभिन्न सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाकर सड़क को साफ करने का काम लगातार जारी हैगौरतलब है कि देवभूमि द्वारका जिले में बिपरजॉय चक्रवात के कारण करीब 110-115 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। नतीजतन जगह-जगह पेड़ या बिजली के खंभे गिर गए। अधिकांश पेड़ों को हटाकर रास्ते खोल दिए गए। इस कारण जिले का एक भी गांव संपर्क विहीन नहीं है।