
राजकोट. ऋषिवंशी समाज सेवा संघ, राजकोट की ओर से शहर के रेलनगर क्षेत्र में माधापर चौकडी के पास सामूहिक विवाह से पहले ही फरार हुए मुख्य आयोजक चंद्रेश छत्रोला को पुलिस ने तीन महीने बाद रविवार को पकड़ा।
पिछली 22 फरवरी को सामूहिक विवाह का आयोजन कर धन एकत्र करने के बाद पुनीत नगर निवासी मुख्य आयोजक चंद्रेश छत्रोला (40) सामूहिक विवाह के दिन सुबह अन्य आयोजकों के साथ फरार हो गया था।
शहर के प्रद्युमन नगर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में सामूहिक विवाह करवाने के बहाने 28 वर-वधू के परिजनों से 8.40 लाख रुपए नकद प्राप्त किए गए थे। साथ ही, विभिन्न दानदाताओं से कन्याओं को देने के लिए दहेज का सामान और नकद राशि, तथा वर-वधू पक्ष से समारोह में आने वाले 50 से अधिक व्यक्तियों के लिए प्रति व्यक्ति 100 रुपए की राशि ली गई।
शिकायतकर्ता, गवाहों और दानदाताओं के साथ ठगी कर धनराशि और दहेज का सामान हासिल करने के बाद आयोजक फरार हो गए। फरार आयोजकों को पकड़ने के लिए जोन-2 के पुलिस उपायुक्त जगदीश बांगरवा ने निर्देश दिए थे। पीएसआई आर.आर.कोठिया और जोन-2 की स्क्वॉड ने फरार मुख्य आयोजक चंद्रेश छत्रोला को उसके घर से पकड़ा। वह पिछले 10 दिनों से घर पर था।
एक कन्या के पिता कानजी टामटिया ने प्रद्युमन नगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने 4 आरोपियों को आयोजन के दिन ही हिरासत में ले लिया था। एसओजी की टीम ने दिलीप गोहेल, मनीष विट्ठलपारा, दीपक हिराणी, दिलीप वरसड़ा को अज्ञात स्थान पर ले जाकर पूछताछ की थी। अगले दिन हार्दिक शिशागिया को पकड़ा था।
आयोजकों के फरार होने पर काफी समय तक इंतजार करने के बाद 28 में से 22 बारात बैरंग लौट गई। कन्या पक्ष की महिलाओं की आंखों से आंसू बहने लगे थे।
सामूहिक विवाह के आयोजकों ने राजकोट के अलावा धोराजी, गोंडल, जूनागढ़, मोरबी, केशोद, जामनगर, जाम कंडोरणा, कालावड सहित सौराष्ट्र के गरीब परिवारों को 208 वस्तुएं देने का और आकर्षक निमंत्रण पत्र छपवाकर प्रलोभन देकर तैयार किया था। इन परिवारों से 20-20 हजार रुपए लेकर रसीद भी दी गई।
गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी के निर्देश पर पुलिस ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए 6 जोड़ों का विवाह कराया। साथ ही पंडितों ने विवाह की विधि नि:शुल्क कराई।
Published on:
25 May 2025 10:41 pm

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