
गिरफ्तार आरोपी।
राजकोट. हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल कर ब्लूटूथ डिवाइस और मोबाइल एप की मदद से कार चोरी करने वाले गिरोह को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से चोरी की तीन कारों समेत कुल 11.70 लाख का मुद्दामाल किया जब्त किया गया।
मुखबिर की सूचना पर क्राइम ब्रांच की टीम ने जाल बिछाकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान राजस्थान के पाली निवासी मुकेश मेघवाल (31), तथा जोधपुर के पीपाड़ निवासी सद्दाम उर्फ छोटियो (36) के रूप में हुई।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे गुजरात के विभिन्न जिलों से वाहन चोरी करते थे। इस कार्रवाई से सुरेंद्रनगर के दसाडा, जामनगर सिटी बी-डिवीजन और मेहसाणा के ऊंझा पुलिस थानों में दर्ज कार चोरी के मामले भी सुलझ गए।
आरोपी अलग-अलग शहरों में पहले रेकी करते थे। इसके बाद वाहन चोरी के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते थे। वे रात के समय कार का शीशा तोड़कर अंदर प्रवेश करते और स्टीयरिंग के नीचे लगे व्हील लॉक को शक्तिशाली चुंबक से तोड़ते थे।
इसके बाद स्टीयरिंग के नीचे मौजूद तारों को जोड़कर ब्लूटूथ डिवाइस को अपने मोबाइल से कनेक्ट करते थे। मोबाइल में मौजूद एप के जरिए कार के सॉफ्टवेयर से जुड़कर नई डिजिटल चाबी प्रोग्राम करते और कार चालू कर फरार हो जाते थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सद्दाम उर्फ छोटियो जोधपुर के प्रतापनगर पुलिस थाने में दर्ज हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था और बीकानेर जेल में बंद था। वर्ष 2019 में चोरी के एक मामले में मुकेश भी उसी जेल में पहुंचा, जहां दोनों की मुलाकात हुई और मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान हुआ।
बाद में मुकेश जेल से छूट गया, जबकि सद्दाम फरवरी 2026 में पैरोल पर जेल से बाहर आया। पैरोल अवधि समाप्त होने के बावजूद वह जेल वापस नहीं लौटा और ईंट-भट्ठे पर काम करने लगा। बाद में उसने मुकेश से संपर्क किया और दोनों ने मिलकर गुजरात में वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड मुकेश है। उसी ने यह डिजिटल एप हासिल किया था और वही इसका इस्तेमाल करता था। यह एप केवल 2012 से 2016 के बीच बने मॉडल की कारों पर ही काम करता था। इसी वजह से दोनों आरोपी 2012 से 2016 मॉडल की कार को ही निशाना बनाते थे।
Updated on:
09 Jul 2026 09:36 pm
Published on:
09 Jul 2026 09:36 pm
