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राजकोट रेल मंडल ने रचा नया कीर्तिमान, पार्सल आय में पहली बार अर्जित किया 15 करोड़ का राजस्व

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 43% की रिकॉर्ड वृद्धि, डिजिटल भुगतान 95 फीसदी से अधिक

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राजकोट. पश्चिम रेलवे के राजकोट रेल मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में पार्सल राजस्व के क्षेत्र में पहली बार 15 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर एक नया कीर्तिमान रचा।
राजकोट के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुनील कुमार मीना के अनुसार, मंडल ने इस अवधि में 15.05 करोड़ रुपए का पार्सल राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के 10.54 करोड़ रुपए की तुलना में 43.10% की वृद्धि दर्शाता है।
राजकोट मंडल द्वारा उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित करते हुए 42 परिसंपत्तियों का पूर्ण उपयोग किया गया, जिससे परिचालन क्षमता में वृद्धि दर्ज की गई। इसमें पहली बार 24 टन क्षमता वाले 34 पार्सल वैन को जोड़कर संचालन किया गया। इनके माध्यम से 765.16 टन अतिरिक्त माल लदान किया गया, जिससे 66.09 लाख रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ।

विविध वस्तुओं की ढुलाई में बढ़त

माल परिवहन के क्षेत्र में मंडल ने विभिन्न प्रकार की वस्तुओं की ढुलाई सफलतापूर्वक की, जिनमें मुख्य रूप से नकली आभूषण (इमीटेशन ज्वेलरी), घरेलू सामान और पीतल के पुर्जे, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, वस्त्र सामग्री, सब्जियां एवं फल, शीघ्र नष्ट होने वाली वस्तुएं तथा अन्य विविध वस्तुएं शामिल हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में 4.55 लाख क्विंटल माल लदान किया गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा 3.59 लाख क्विंटल था।

डिजिटल क्रांति और पारदर्शिता

आधुनिकीकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए राजकोट मंडल ने पार्सल सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया। पार्सल भुगतान का 95% से अधिक हिस्सा अब डिजिटल माध्यम से प्राप्त किया जा रहा है। पूरे मंडल में 100% कंप्यूटरीकृत प्रणाली लागू की गई है। अब ग्राहकों को पार्सल की लाइव ट्रैकिंग और समय पर प्राप्ति संदेश (एसएमएस) प्राप्त होते हैं। राजकोट मंडल रेल प्रबंधक गिरिराज कुमार मीना ने कहा कि यह उपलब्धि मंडल की उत्कृष्ट कार्यक्षमता, टीमवर्क और ग्राहक-केंद्रित सेवाओं का परिणाम है।