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राजकोट की धरती ने बापू के जीवन को संवारा : मोदी

-अब राजकोट गांधी जीवन के नक्शा का एक अभिन्न अंग -क्यों राजकोट को गांधी से अब तक अलग रखा गया? प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी म्यूजियम का लोकार्पण किया

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PM Modi, Rajkot, Museum

राजकोट की धरती ने बापू के जीवन को संवारा : मोदी

राजकोट. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि राजकोट की धरती ने गांधी को संवारा, यहां गांधी के जीवन को आकार मिला। बाल्यकाल जीवन को तैयार करने का अहम चरम होता है और राजकोट की माटी पर चलते और यहां का पानी पीते हुए गांधी के जीवन की शुरुआत हुई।

शहर में महात्मा गांधी म्यूजियम का लोकार्पण करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम राजकोट की धरती पर है, लेकिन यह कार्यक्रम पूरे विश्व के लिए है। मानव जाति के लिए है। आने वाले युगों के लिए है।
उन्होंने कहा कि वे मानते हैं कि आज के दिन के बाद प्रत्येक राजकोट वासी के मन में एक प्रश्न जरूर उठेगा कि क्या राजकोट का गांधी पर कोई अधिकार नहीं था या गांधी का राजकोट पर कोई हक नहीं था? उन्होंने यह सवाल किया कि वैसे कौन से तत्व थे कि जिन्होंने राजकोट व गांधी को अलग रखा था।
मोदी ने कहा कि कि देश और दुनिया के सभी लोगों का अधिकार है कि इस वैश्विक महापुरुष का बचपन और उनकी स्कूली जिंदगी की गतिविधि को दुनिया समझना चाहती है। मानवता में विश्वास करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का हक है, लेकिन पता नहीं किस कारण वश और किसके लाभ को लेकर गांधी जैसे महापुरुषों को भी प्रासंगिक बनाकर सिर्फ 2 अक्टूबर या 30 जनवरी को फूलमाला चढ़ाने का काम किया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी कोशिश है कि देश के इतिहास की स्वर्णिम घटनाओं, जिनके भी दिल में नए इतिहास रचने का प्रेरणा है तो उनके लिए उपलब्ध होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जो समाज इतिहास भूल जाता है उसमें इतिहास रचने का सामथ्र्य भी खत्म हो जाता है। आज भी भारत की युवा पीढ़ी में धरती में ऐसे नए इतिहास रखने का सामथ्र्य नए इतिहास रचने का सिर्फ उसे प्रेरणा चाहिए इतिहास पुरुषों में से प्रेरणा चाहिए। आज के युग के समस्या का समाधान कोई एक व्यक्ति के पास सभी समस्याओं का समाधान मिल सकता है तो उस व्यक्ति का नाम बापू है।