
यात्रा में जुड़ने वाले हाथियों को सजाते हुए।
भगवान जगन्नाथ की 149वीं ऐतिहासिक रथयात्रा गुरुवार को पूरे धार्मिक उल्लास और परंपरा के साथ निकलेगी। सुबह 7 बजे शहर के जमालपुर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भक्तों को दर्शन देने नगर भ्रमण पर रवाना होंगे। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल परंपरागत पहिंद विधि के साथ रथों को खींच कर रथयात्रा का शुभारंभ कराएंगे। वे लगातार पांचवीं बार पहिंद विधि करेंगे। इसके तहत सोने जडि़त झाड़ू से भगवान के रथ के मार्ग की सफाई की जाती है।
इससे पहले सुबह चार बजे मंदिर में मंगला आरती होगी। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह परिवार सहित शामिल होंगे। इसके बाद सुबह साढ़े चार बजे भगवान को विशेष खिचड़ी का भोग अर्पित किया जाएगा। इस दौरान पारंपरिक आदिवासी नृत्य और रास-गरबा की प्रस्तुतियों के बीच भगवान को रथों पर विराजमान कराया जाएगा। यात्रा की अगुवाई 18 सजे-धजे गजराज करेंगे। इनके पीछे 101 सुशोभित ट्रक, 30 अखाड़े, 18 भजन मंडलियां और 3 बैंड बाजा वाले रहेंगे। रथों को खींचने के लिए भारी संख्या में साधु-संतों के अलावा एक हजार से अधिक खलासी भी मौजूद रहेंगे। देशभर से आए करीब ढाई हजार साधु-संत भी रथयात्रा की शोभा बढ़ाएंगे। परंपरा के अनुसार दोपहर में सरसपुर स्थित रणछोड़ राय मंदिर में भगवान का ननिहाल में स्वागत होगा, जहां विशेष भोग अर्पित किया जाएगा।
रथयात्रा को लेकर शहर में सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पिछले वर्ष एक हाथी के बेकाबू होने की घटना के बाद इस बार हाथियों की निगरानी के लिए पहली बार आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया है। सभी 18 हाथियों पर 360 डिग्री कैमरे, जीपीएस ट्रैकिंग और डेसिबल मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि तेज आवाज या किसी असामान्य गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके। हाथियों के साथ प्रशिक्षित महावतों के अलावा पशु चिकित्सकों की टीम भी तैनात रहेगी।
पूरी रथयात्रा अभेद्य सुरक्षा घेरे में निकलेगी। इसके लिए 31 हजार पुलिसकर्मी रथयात्रा की सुरक्षा संभालेंगे। पुलिस, एसआरपी, आरएएफ, सीएपीएफ, होमगार्ड सहित 31 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। 240 छत प्वाइंट, 65 ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों, 2800 बॉडी वॉर्न कैमरों और आधुनिक कंट्रोल रूम से यात्रा की पल-पल की निगरानी की जाएगी। रथयात्रा मार्ग पर स्थित 500 से अधिक जर्जर भवनों पर भी मनपा और पुलिस की संयुक्त टीमें विशेष नजर रखेंगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, चिकित्सा सहायता और यातायात प्रबंधन की व्यापक व्यवस्था की गई है। 15 मेडिकल ऑफिसर और 100 स्वास्थ्य कर्मी, 31 फायर व्हीकल और 237 फायर जवान भी तैनात रहेंगे।
अहमदाबाद शहर की जगन्नाथ रथयात्रा के साथ-साथ 6 मिनी रथयात्राओं सहित राज्यभर के विभिन्न स्थानों पर 230 रथयात्राएं निकाली जाएंगी। इनमें भावनगर, राजकोट, वडोदरा, आणंद, विद्यानगर, जामनगर, हिम्मतनगर सहित कई शहर, नगर शामिल हैं।
मूंग: 45 हजार किलो
जामुन: 500 किलो
आम: 500 किलो
खीरा-अनार: 400 किलो
जगन्नाथ मंदिर (प्रस्थान) - सुबह 7 बजे
मनपा कार्यालय - सुबह 8 बजे
रायपुर चकला - सुबह 8:45 बजे
खाडिया चार रास्ता -सुबह 10:30 बजे
कालूपुर सर्कल - सुबह 11:15 बजे
सरसपुर (ननिहाल) -दोपहर 12 बजे
सरसपुर से प्रस्थान - दोपहर बाद 1:30 बजे
कालूपुर सर्कल - दोपहर 2 बजे
प्रेम दरवाजा - दोपहर 2:30 बजे
दिल्ली चकला -दोपहर 3:15 बजे
शाहपुर दरवाजा - दोपहर 3:45 बजे
आरसी हाईस्कूल - शाम 4:30 बजे
घीकांटा - शाम 5:00 बजे
पानकोर नाका – शाम 5:45 बजे
माणेक चौक- शाम 6:30 बजे
जगन्नाथ मंदिर (वापसी)- रात 8:30 बजे
Updated on:
15 Jul 2026 11:04 pm
Published on:
15 Jul 2026 11:04 pm
