
रत्नगर्भा धरती माता में हैं तमाम तत्व : राज्यपाल
मेेहसाणा. जिले की विसनगर तहसील के कांसा गांव में धरोई ब्रांच-2 पियत सहकारी संघ का प्राकृतिक खेती, किसान सम्मेलन आयोजित हुआ।
सम्मेलन में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि धरती माता रत्नगर्भा हैं, जिनमें तमाम तत्व हैं। इन तत्वों का पोषण गौमाता के पेट में विद्यमान है।उन्होंने कहा कि समग्र धरती पर प्राकृतिक खेती होगी तो नेचुरल वाटर हार्वेस्टिंग पद्धति के मुताबिक अपने आप काम होगा। उन्होंने कहा कि भारत की मूल संस्कृति सहकारिता है, सहकारिता की जिस भावना से नागरिक विकास के फल का लाभ ले रहे हैं, उसका श्रेय गुजरात के नागरिकों को जाता है।
गुजरात में 9 लाख किसान कर रहे प्राकृतिक खेती
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र के किसानों को समृद्ध बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं, इसके अंतर्गत गुजरात ने प्राकृतिक खेती मिशन अपनाया है और आज गुजरात में 9 लाख किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग की समस्या के मूल में रासायनिक खेती है। आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु में जो किसान प्राकृतिक खेती कर रहे थे, उनको हाल ही लगातार बरसात के बावजूद सिर्फ पांच फीसदी ही नुकसान हुआ है। इसके मुकाबले रासायनिक खेती करने वाले किसानों के खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान हुआ है।राज्यपाल ने कहा कि प्राकृतिक खेती धरती को कोमल बनाती है, जिससे फसल की जड़ें गहरी होती हैं। समग्र धरती पर प्राकृतिक खेती होगी तो नेचुरल वाटर हार्वेस्टिंग पद्धति के मुताबिक अपने आप काम होगा। प्राकृतिक खेती नियम के अनुसार खेती की जाए तो धरती को हरियाली होने से कोई नहीं रोक सकता।
उन्होंने कहा कि धरती माता की उर्वरकता बढ़ाने के लिए सूक्ष्म जीवाणु और केंचुए महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। भगवान ने यह सूक्ष्म जीवाणु मात्र गौ माता के पेट में ही दिए हैं। भारत में 45 विभिन्न प्रजाति की देसी गायें थी, आज सिर्फ 22 प्रजाति ही बची हैं। इसलिए हमें गौ आधारित खेती करके कृषि और ऋषि परम्पराओं को महत्व देना चाहिए।राज्यपाल ने कहा कि धरती माता रत्नगर्भा हैं, जिनमें तमाम तत्व विद्यमान हैं, इन तत्वों का पोषण गौ माता के पेट में है। इसलिए गौ आधारित प्राकृतिक खेती करके धरती को उपजाऊ बनाकर राष्ट्र को समृद्ध बनाएं और तमाम किसान प्राकृतिक खेती अपनाएं।
स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि गाय आधारित खेती करने से शरीर और मन भी स्वस्थ रहता है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती करने के साथ ही ड्रिप इरिगेशन और स्प्रिंकलर जैसी पद्धति अपनाकर जल बचत की अपील की। पूर्व उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल, भाजपा नेता रजनीभाई पटेल, अग्रणी गिरिश राजगोर, कलक्टर एम. नागराजन, जिला विकास अधिकारी डॉ. ओमप्रकाश, सहकार भारती के कांतिभाई पटेल, पियत सहकारी मंडली के अध्यक्ष जशुभाई पटेल, उपाध्यक्ष अमृत पटेल, महामंत्री प्रहलाद चौधरी आदि मौजूद थे।
Published on:
28 Jan 2024 10:16 pm
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