
चंडोला तालाब के आसपास से हटाए गए निर्माण
अवैध रूप से घुसपैठ कर बांग्लादेशियों की शरणगाह बने चंडोला तालाब के आसपास अतिक्रमण अभियान के दूसरे चरण के दूसरे दिन बुधवार को भी अवैध निर्माण ढहाने की कार्रवाई जारी रही। इसके तहत कॉमर्शियल इमारतों के अलावा कुछ धार्मिक निर्माणों को भी हटाया गया।शहर में सबसे बड़े चंडोला तालाब में सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच महानगरपालिका की ओर से चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है। मंगलवार को एक ही दिन में इस इलाके से 8500 अवैध निर्माणों को तोड़ा गया था। इनमें कच्चे पक्के निर्माणों में आवास और कॉमर्शियल इकाइयां शामिल हैं। इन निर्माणों के ढहाए जाने से लगभग ढाई लाख वर्ग मीटर जमीन को खाली करवाया गया। ढहाए जाने के बाद अब मलबे के निराकरण भी किया जाने लगा है।
मंगलवार को अतिक्रमण अभियान में महानगरपालिका की सात जोनों से अधिकारी और कर्मचारियों की 50 टीम बनाईं गईं। निर्माणों को ढहाने के लिए 50 बुलडोजर चले। साथ ही शहर से लगभग तीन हजार सुरक्षा कर्मी भी यहां तैनात रहे। अब इस जगहों पर अतिक्रमण न हों इसके लिए भी उपाय किए जा रहे हैं। तालाब की चारदीवारी की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि मनपा ने 27.53 करोड़ रुपए की लागत से चंडोला तालाब का विकास करने की योजना बनाई है। इसमें ईवेंट शैड, वाकिंग एरिया व अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करने की योजना पर काम किया जा रहा है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद 29 अप्रेल से एक मई के बीच यहां पहले चरण का अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया गया था। उस दौरान डेढ़ लाख वर्ग मीटर क्षेत्र को खाली करवाया गया था।
मनपा की स्टेंडिंग कमेटी में निर्णय लिया गया था कि इस जगह पर वर्ष 2010 से पहले रहने वाले लोगों को को पु्ख्ता दस्तावेजों के आधार पर आवास दिए जाएंगे। इस योजना की शर्तों में 3.30 लाख रुपए व जरूरी दस्तावेज भी पेश करने होंगे।
Updated on:
21 May 2025 11:12 pm
Published on:
21 May 2025 11:11 pm
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