
ahmedabad
अहमदाबाद।देश के जाने माने एवं अनुभवी नगर नियोजकों ने कहा कि दिनों दिन बढ़ती जनसंख्या एवं तेजी से हो रहे शहरीकरण के दौर में अब जरूरी हो गया है कि नगर नियोजन, विकास एवं क्रियान्वयन काफी सतर्कतापूर्ण सुनियोजित तरीके से किया जाए।
इन्स्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स इण्डिया(आईटीपी) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किए गए गुजरात के नगर नियोजक(टाउन प्लानर्स) एन.के पटेल ने कहा कि हम जबकि वर्तमान शहरों को स्मार्ट बनाने का प्रयास कर रहे हैं, तब नए स्मार्ट नगर विकसित करने की भी जरूरत है। अपने फ्रेट कोरीडोरर्स, हाई स्पीड रेलवे एवं एक्सप्रेस वेज इसके लिए आदर्श स्थल हैं। इसके अलावा शहरों के नियोजन में सामंजस्य स्थापित करके मेक इन इण्डिया, स्वच्छ भारत, स्मार्ट सिटीज, अमृत एवं सम्बन्धित राष्ट्रीय एवं राजकीय कायक्रमों को शामिल करने की जरूरत है। स्लम फ्री इण्डिया एवं अफोर्डेबल हाउसिंग में निजी क्षेत्र के सहयोग के जरिए विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
आईटीपी की ओर से गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान वड़ोदरा मनपा के पूर्व निदेशक एवं भू सम्पत्ति व नगर नियोजन विभाग गोपाल शाह, राज्य सरकार के पूर्व मुख्य नगर नियोजक वी.वी दवे ने कहा कि नगर नियोजन के क्षेत्र में परिवर्तित वास्तविकताओं पर गौर करें तो उसका टिकाऊपन समय की कसौटी है। जलवायु परिवर्तन एवं मौसम में बदलाव को देखते हुए भवन निर्माण के मानदण्डों में भारी रद्दोबदल करने की जरूरत है।
इसमें नगर नियोजकों की भूमिका निरन्तर बदलते हुए व्यापक हो रही है। दवे ने आईटीपी के पदाधिकारियों को याद दिलाते हुए कहा कि आईटीपी की भूमिका शहर, नगर एवं ग्रामीण विस्तारों के सुनियोजित, आर्थिक, वैज्ञानिक एवं आर्टिस्ट डवलपमेन्ट की है। इसके अलावा देश एवं शहर सम्बद्ध नियोजन के अध्ययन का संवर्धन करने की है। इसके उद्योग व शिक्षा जगत के बीच के सम्बन्धों के मसले में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं में शहर, नगरों के पुर्ननिर्माण में नगर नियोजकों की खूब महत्व की भूमिका रहती है।
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