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Gujarat news : हजीरा से घोघा होगी नजदीक, दौड़ेगी रो-पैक्स फेरी

RO-RO ferry, shipping ministry, PM narendra modi, virtual inaugration: प्रधानमंत्री आठ को करेंगे वच्र्युअल उद्घाटन, घटेगी दूरी, 10-12 घंटे का सफर होगा चार घंटों में, एक फेरे में होंगे 30 ट्रक, 100 कार, 500 यात्रा  

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Gujarat news : हजीरा से घोघा होगी नजदीक, दौड़ेगी रो-पैक्स फेरी

Gujarat news : हजीरा से घोघा होगी नजदीक, दौड़ेगी रो-पैक्स फेरी

गांधीनगर. सूरत के हजीरा से भावनगर के घोघा बंदरगाह (port) तक रो-पैक्स (RO-Pax ferry) फेरी चलेगी। इसका मतलब इस फेरी में न सिर्फ वाहन बल्कि यात्रियों (passengers) को भी ले जाया जा सकेगा। वहीं रो-रो फेरी (RO-RO) में सिर्फ वाहन ही ले जाए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM narendra modi) आठ नवम्बर को रो-पैक्स फेरी का प्रारंभ कराएंगे और नवनिर्मित रो-रो टर्मिनल (RO-RO terminal) का वच्र्युअल उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा जो दहेज से घोघा के बीच रो-रो फैरी चलती थी उसके बजाय अब रो-पैक्स फेरी चलेगी। इसके जरिए जहां हजीरा से घोघा के बीच सफर में 10-12 घंटे लगते हैं वह सफर सिर्फ चार घंटे तक ही हो जाएगा। ऐसा होने से न सिर्फ सड़कों पर यातायात समस्या से निजात मिलेगी बल्कि यात्री सफर सस्ता होगा और पर्यावरण का भी रखरखाव हो सकेगा। केन्द्रीय जहाजरानी (central shipping minister) राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनसुख मांडविया ने रविवार को शाहीबाग स्थित सरकिट हाउस में संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी।

हर ३० ट्रक, 100 कार, 500 यात्री कर सकेंगे परिवहन

उन्होंने कहा कि रो-पैक्स फेरी हर रोज तीन फेरे लगाएगी, जिसमें प्रत्येक फेरे में तीस ट्रक, 100 कार, 500 यात्रियों और 34 शिप क्रु सदस्यों को ले जाया जा सकेगा। मतलब कि सालाना पांच लाख यात्री सफर करेंगे। 80 हजार यात्री वाहन, पचास हजार दुपहिया और तीस हजार ट्रकों की आवाजाही हो सकेगी। जहां हजीरा से घोघा की दूरी 370 किलोमीटर है वह सिर्फ समुद्री रास्ते से महज 90 किलोमीटर ही होगी।

ईंधन (fuel) की होगी बचत

उन्होंने कहा कि कार्बन डायोक्साइड (carban dioxide) का उत्सर्जन घटेगा इसका जलवायु परिवर्तन पर असर होगा। एक अनुमान के मुताबिक हर रोज तीन फेरों में प्रति दिन 24 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन कम होगा। मतलब कि वर्ष में 8653 मीट्रिक टन कार्बन का उत्सर्जन कम होगा। ईंधन भी घटेगा। इसका असर अर्थ व्यवस्था होगा। रो-पैक्स फेरी के तीन फेरों में 9000 लीटर और हर वर्ष 33,13,000 लीटर ईंधन की बचत होगी।

हादसे घटेंगे, मेडिकल खर्च घटेगा

मांडविया ने कहा कि इस रो-पैक्स फेरी प्रारंभ होने से सड़क हादसे घटेेंगे और लोगों की जिन्दगी बचेगी। मेडिकल खर्च और बीमा दावों में कमी आएगी। सड़कों और राजमार्गों को कम नुकसान होगा।

सौराष्ट्र से सूरत बाइक से जा सकेंगे

उन्होंने कहा कि सौराष्ट्र के लाखों लोग सूरत में बसे हैं, जिनका गांवों आना-जाना लगा रहता है। रो-पैक्स फेरी में मोटरसाइकिल या कार रखकर10 से 12 घंटों का सफर चार घंटे में कर सकेंगे। वहीं दक्षिण गुजरात के लोग सोमनाथ, सासणगीर, गिरनार, द्वारका और शेंत्रुजय और जामनगर के इको टूरिज्म तक पहुंचना आसान हो जाएगा।

मुंबई-पीपावाव भी शुरू होगी फेरी

मांडविया ने एक सवाल के जवाब में कहा कि आगामी समय में हजीरा-पीपावाव, सूरत-दीव, मुंबई -पीपावाव के बीच भी रो-रो फेरी शुरू होगी। मुंबई के बीच रो-रो फेरी शुरू होने से दक्षिण भारत को आसानी से जोड़ा जा सकेगा।