गांधीनगर. राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी (आरआरयू) में सोमवार को स्कूल ऑफ सिक्योरिटी, लॉ एनफोर्समेंट एंड क्रिमिनल जस्टिस की ओर से मूट कोर्ट हॉल के उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। गुजरात हाइकोर्ट की जस्टिस सोनिया गोकाणी ने इस अत्याधुनिक मूटकोर्ट हॉल का उद्घाटन किया, जिन्होंने मुख्य अतिथि के तौर पर समारोह की अध्यक्षता की। इस मौके पर गुजरात राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (जीएसएलए) के सदस्य सचिव राहुल त्रिवेदी, कानूनी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
रिबन काटने के सामरोह के बाद गणमान्य व्यक्ति आरआरयू सभागार के लिए रवाना हुए। मुख्य अतिथि के अलावा, मंच पर मौजूद गणमान्य व्यक्तियों में आरआरयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) बिमल एन. पटेल, अपराध विज्ञान और व्यवहार विज्ञान विभाग के मुख्य संरक्षक डॉ. एस. एल. वाया और स्कूल ऑफ सिक्योरिटी, लॉ एनफोर्समेंट एंड क्रिमिनल जस्टिस की निदेशक डॉ. डिंपल रावल मौजूद रही।
कुलपति प्रो. (डॉ.) बिमल एन. पटेल ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। डॉ. डिंपल रावल ने स्वागत भाषण दिया, जिसमें मूट कोर्ट के महत्व और छात्रों के साथ-साथ कानून से जुड़े लोगों को उसके लाभ बताए। बाद में मुख्य अतिथि और गुजरात हाइकोर्ट की न्यायाधीश सोनिया गोकानी ने सत्य (सत्य शोधनम) को जानने के लिए महात्मा गांधी की खोज दर्शन और जीवन के सच्चे उद्देश्यों को बताया।
जस्टिस गोकानी ने न्याय और कानून के नियम पर नानी पालखीवाला के विचारों की सराहना की। आरआरयू के हॉल में नव स्थापित मूट कोर्ट से आर्ट ऑफ ड्राफ्टिंग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने भारत और विदेशों में मूट कोर्ट के इतिहास और विकास का भी उल्लेख किया और छात्रों में सॉफ्ट स्किल और तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने आरआरयू की बढ़ती प्रवृत्तियों की सराहना की, जो कानूनी सेवाओं के तौर पर की जाती हैं। लॉ फैकल्टी और मूट कोर्ड के संयोजक गंतव गुप्ता ने आभार जताया।