16 मार्च 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भौगोलिक दृष्टि से गुजरात की पुन: रचना करेगा आरएसएस, होंगे तीन संभाग

संत रविदास जयंती वर्ष मनाएगा आरएसएस, देशभर में होंगे कई कार्यक्रम

less than 1 minute read
Google source verification
RSS Gujarat

संवाददाताओं को संबोधित करते गुजरात के प्रांत संघचालक डॉ.भरत पटेल। साथ हैं अन्य पदाधिकारी।

Ahmedabad. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अब गुजरात सहित पूरे देश में भौगोलिक दृष्टि से अपने कार्य और संगठन में बदलाव करने जा रहा है। हाल ही में हरियाणा के समालखा माधव सृष्टि में हुई संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा 2026 में इस संबंध में गंभीरता पूर्वक चर्चा हुई है। इसका क्रियान्वयन भी जल्द ही होगा।

यह जानकारी सोमवार को गुजरात के प्रांत संघचालक डॉ.भरत पटेल ने संवाददाता सम्मेलन में दी।उन्होंने बताया कि संघ ने भौगोलिक दृष्टि से गुजरात प्रांत को तीन संभागों में बांटने का विचार किया है। इसमें एक दक्षिण गुजरात, दूसरा उत्तर गुजरात और तीसरा कच्छ-सौराष्ट्र संभाग होंगे। करीब दो से ढाई करोड़ की जनसंख्या का एक संभाग बनाया जाएगा।

ऐसे में गुजरात राज्य को भौगोलिक दृष्टि से संघ तीन संभागों में बांटेगा। इसका मुख्य उद्देश्य संघ के कार्य को और ज्यादा विस्तार देना है। ताकि प्रचारक कम क्षेत्र में और भी बेहतर तरीके से संपर्क करके कार्य को प्रभावी बना सकें। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 को संघ संत रविदास जयंती वर्ष के रूप में मनाएगा। उनका इस वर्ष 650वां जयंती वर्ष है।

शताब्दी वर्ष में कई कार्यक्रम

संघ अपने शताब्दी वर्ष के रूप में मना रहा है। इसके तहत कई आयोजन देशभर में हो रहे हैं। जिसमें अब तक 36 हजार से ज्यादा हिंदू सम्मेलन, गृह संपर्क अभियान भी शामिल हैं। गृह संपर्क अभियान के तहत सभी जाति, धर्म के लोगों के घरों में संपर्क किया गया है। उन्होंने कहा कि गुजरात राज्य में 1610 दैनिक शाखा लगती हैं। 1270 साप्ताहिक मिलन तथा 1133 संघ मंडली हैं। इन शाखाओं में 60 फीसदी विद्यार्थी और 40 फीसदी व्यावसायिक शाखाए हैं। राज्य में 2688 सेवा कार्य चल रहे हैं।