
आरटीई एक्ट के तहत पहली कक्षा में प्रवेश के लिए २५ से भरे जाएंगे फॉर्म
अहमदाबाद. राज्य के प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने शिक्षा के मौलिक अधिकार अधिनियम (आरटीई एक्ट -2009) के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आरक्षित २५ फीसदी सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया की घोषणा कर दी है।
शैक्षणिक वर्ष २०२१-२२ के तहत पहली कक्षा में प्रवेश के लिए 25 जून से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। पांच जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन आरटीईओरपीगुजरात वेबसाइट के जरिए भरे जा सकेंगे। आवेदन करने के लिए बालक का एक जून २०२१ को पांच साल का होना जरूरी है।
छह से 10 जुलाई के दौरान जिला स्तर पर ऑनलाइन जमा हुए फॉर्म की जांच की जाएगी और उसे मंजूर या रिजेक्ट किया जाएगा। रिजेक्ट आवेदन के आगे कारण अनिवार्य रूप से लिखना होगा। 15 जुलाई को पहले चरण के प्रवेश आवंटित किए जाएंगे। उससे पहले अभिभावकों को प्रवेश के लिए जरूरी दस्तावेज जुटाने के लिए २१ से २४ जून तक तक का समय दिया जाएगा। वेबसाइट पर प्रवेश के लिए जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया की जानकारी दी गई है। हर जिले में हेल्पलाइन और हेल्प डेस्क शुरू की जाएगी।
रिसीविंग सेंटर पर जाने की जरूरत नहीं
कोरोना महामारी को देखते हुए रिसीविंग सेंटर पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करने की रसीद जमा करने या दस्तावेज के साथ फॉर्म जमा करने की आवश्यकता नहीं है। ऑनलाइन ही जरूरी सभी दस्तावेज जिसमें जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र व अन्य संबंधित श्रेणी से जुड़े प्रमाण पत्र अपलोड करने होंगे।
प्रवेश में इन्हें मिलेगी प्राथमिकता
प्रवेश में अनाथ बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी फिर विशेष देखभाल वाले बच्चों को फिर बालगृह के बालकों को, फिर बाल श्रमिक एवं स्थानांतरित श्रमिकों के बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी। उसके बाद मंदबुद्धि, सेरेब्रल पाल्सी, शारीरिक रूप से दिव्यांग बच्चों को, एंटी रेट्रोवायरल थैरेपी की जरूरत वाले बच्चों को फिर ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सेना, अद्र्धसैनिक बल और पुलिस जवान के बच्चों को, माता-पिता के इकलौते बच्चे उसमें भी पुत्री को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार की आंगनवाडी के बच्चों को और एससी, एसटी, एसईबीसी व जनरल श्रेणी के बीपीएल परिवार के बच्चों को। एससी, एसटी के बच्चों को, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़े बच्चों को, घुमंतु जातियों के बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी। उसके बाद सामान्य श्रेणी के बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। शहर में सालाना डेढ़ लाख और ग्रामीण क्षेत्र के लिए सालाना १.२० लाख की आय मर्यादा लागू रहेगी।
Published on:
19 Jun 2021 08:01 pm
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