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सरदार सरोवर नर्मदा बांध इस मौसम में सर्वाधिक 97.13 फीसदी भरा, म.गुज. के सभी बांध लबालब

गुजरात में इस मौसम में अब तक हुई 125 फीसदी से अधिक बारिश के परिणाम स्वरूप बांधों में जल संग्रह की स्थित काफी बेहतर है। राज्य के सबसे बड़े सरदार सरोवर बांध (नर्मदा बांध) में भी जल स्तर 137.73 मीटर पर पहुंच गया है। बांध की कुल ऊंचाई 138.68 मीटर है।

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गुजरात में इस मौसम में अब तक हुई 125 फीसदी से अधिक बारिश के परिणाम स्वरूप बांधों में जल संग्रह की स्थित काफी बेहतर है। राज्य के सबसे बड़े सरदार सरोवर बांध (नर्मदा बांध) में भी जल स्तर 137.73 मीटर पर पहुंच गया है। बांध की कुल ऊंचाई 138.68 मीटर है। ऐसे में यह 37.13 फीसदी पानी भर गया है, जो इस मौसम में सबसे अधिक है। प्रदेश में सरदार सरोवर समेत 207 प्रमुख बांध हैं। इनमें से 110 बांध लबालब हो गए हैं।राज्य के 207 बांधों की कुल जल संग्रह क्षमता 25254.03 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) है, इनमें अभी 23304.66 एमसीएम जल संग्रह है, जो 92.28 प्रतिशत है।

रीजन के आधार पर देखें तो सबसे अच्छी स्थिति मध्य गुजरात की है, यहां के 17 बांधों में से 12 बांध लबालब हो गए हैं। बांधों में क्षमता का 99.73 फीसदी पानी जमा हो गया है।मध्य गुजरात के अलावा दक्षिण गुजरात के बांधों में 92.03 प्रतिशत जल संग्रह हो गया है। इस रीजन में कुल 13 में से नौ बांध लबालब हैं। सबसे ज्यादा 141 बांधों वाले सौराष्ट्र रीजन के 75 बांधों में शत प्रतिशत पानी जमा हो गया है। यहां के बांध औसतन 88 फीसदी तक भर गए हैं। कच्छ रीजन के कुल 20 में से 12 बांध भरे हुए हैं, रीजन में करीब 87 फीसदी पानी है।

उत्तर गुजरात के महज दो बांध ही लबालब

उत्तर गुजरात रीजन के बांधों में सबसे कम जल संग्रह हो पाया है। रीजन के कुल 15 बांधों में से महज दो ही लबालब हैं। इन सभी बांधों में जल संग्रह की क्षमता 1929.20 एमसीएम है, इसके मुकाबले 1330.36 एमसीएम पानी ही संग्रह हो पाया है, जो करीब 69 फीसदी है।

152 बांध हाईअलर्ट

गुजरात के कुल 207 बांधों में से 152 बांध ऐसे हैं, जिनमें 90 फीसदी से अधिक जल संग्रह होने के चलते उन्हें हाईअलर्ट घोषित किया गया है, इनमें से 110 पूरी तरह से भर भी गए हैं। अभी 12 बांधों में 80 से लेकर 90 फीसदी तक जल संग्रह होने पर अलर्ट और आठ बांधों में 70 से 80 फीसदी जल संग्रह होने पर वार्निंग पर रखा गया है। अभी भी राज्य के 34 बांधों में 70 फीसदी से कम संग्रह हो पाया है।