
राज्य सरकार ने जवाब के लिए मांगा समय
अहमदाबाद वर्ष 2015 में पाटीदार आंदोलन को लेकर राजद्रोह के मामले में गिरफ्तार पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के अहम साथी और पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पास) सूरत के संयोजक अल्पेश कथीरिया की जमानत याचिका पर जवाब दिए जाने के लिए समय की मांग की।
न्यायाधीश ए. वाई. कोगजे ने राज्य सरकार को जवाब पेश करने के लिए समय दिया। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर रखी गई है।
राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि इस मामले में फिलहाल जांच जारी है और जवाब देने के लिए समय दिया जाए। उधर कथीरिया के वकील रफीक लोखंडवाला ने दलील दी कि इस मामले मेंं राज्य सरकार जवाब देने के लिए समय की मांग कर रही है। इस मामले में मुख्य आरोपी हार्दिक पटेल सहित अन्य आरोपी जमानत पर हैं, ऐसे में याचिकाकर्ता को भी जमानत दी जानी चाहिए। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने राजद्रोह के मामले में गत अगस्त महीने में कथीरिया को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस रिमाण्ड के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आरोपी ने पहले निचली अदालत के समक्ष जमानत की गुहार लगाई थी जिसे खारिज कर दी गई थी। अब आरोपी ने निचली अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय मेंं चुनौती दी है। इससे पहले उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
सूरत के पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के सूरत संयोजक तथा हार्दिक पटेल के करीबी साथी रहे कथीरिया को क्राइम ब्रांच ने गत 19 अगस्त को गिरफ्तार किया था।
राजद्रोह प्रकरण में कथीरिया के अलावा हार्दिक पटेल, दिनेश बांभणिया, चिराग पटेल, केतन पटेल, अमरीश पटेल सहित अन्य आरोपी हैं। इस मामले में फिलहाल अन्य सभी आरोपी जमानत पर हैं। इस प्रकरण में हार्दिक व अन्य के खिलाफ आरोपपत्र पेश किया जा चुका है।
यह है मामला
मामले के अनुसार 25 अगस्त 2015 को अहमदाबाद के जीएमडीसी मैदान पर पाटीदार सभा के बाद हार्दिक पटेल को हिरासत में लिए जाने के बाद अहमदाबाद सहित राज्य भर में हिंसा की घटनाएं घटी थीं। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने हार्दिक सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ राजद्रोह व अन्य आरोपों के तहत शिकायत दर्ज की थी।
Published on:
25 Oct 2018 05:55 pm
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