
वडोदरा की श्वेता 15 हजार फीट से छलांग लगाने वाली गुजरात की पहली युवती
जफर सैयद
वडोदरा. सामान्यतया हजारों फीट की ऊंचाई से नीचे देखने पर चक्कर आते हैं और लोग कांपने लगते हैं लेकिन वडोदरा की युवती ने आकाश से हजारों फीट ऊंचाई से छलांग लगाकर पुरुषों को भी पीछे छोड़ दिया है। यह साहसपूर्ण कार्य वडोदरा की श्वेता परमार (28) ने कर दिखाया है।
आकाश में उडक़र, आकाश से हजारों फीट ऊंचाई से छलांग लगाने का साहस करने वाली श्वेता ने प्रथम गुजराती युवती के तौर पर रेकार्ड बनाया है। श्वेता ने सरकार से मंजूरी मिलने पर केवडिया कॉलोनी स्थित विश्व की सबसे ऊंची स्टेच्यू ऑफ यूनिटी से छलांग लगाने की इच्छा जताई है।
श्वेता के अनुसार वे अब तक आकाश से 15 हजार फीट की ऊंचाई से स्पेन में 29, दुबई में 3 व रूस में 15 बार छलांग लगा चुकी हैं। उनका स्वप्न आकाश से 200 बार छलांग लगाने का है। उनका स्वप्न शाम के समय आकाश से और मध्यरात्रि में दुबई सिटी के आकाश से छलांग लगाने का भी है। वे अब 17 हजार फीट की ऊंचाई से आकाश से छलांग लगाने की इच्छा भी रखती हैं।
एमबीए उत्तीर्ण, आर्थिक स्थिति अच्छी होने पर 2016 में की शुरुआत
5 फीट 2 इंच की ऊंचाई व 42 किलो वजन वाली 28 वर्ष की श्वेता के अनुसार वडोदरा की एम.एस. यूनिवर्सिटी से वाणिज्य स्नातक, बीबीए व एमबीए उत्तीर्ण करने के बाद सूरत की वित्तीय कंपनी में प्रबंधक के पद पर कार्य किया। उसके बाद छोटे भाई कृष्णा के साथ मिलकर डिजीटल मार्केटिंग का व्यवसाय शुरू किया। छह महीने में सफल होने व आर्थिक स्थिति अच्छी होने पर आकाश से छलांग लगाने का स्वप्न पूरा किया। आकाश से छलांग लगाने के साहस की शुरुआत वर्ष 2016 में की।
18 वर्ष की आयु में पिता की छत्रछाया गंवाई, बड़ी बहनों ने संभाली जिम्मेदारियां
उनको आकाश से छलांग लगाने तक पहुंचने के लिए कई स्थितियों का सामना करना पड़ा। 18 वर्ष की आयु में पिता ठाकोरभाई परमार की छत्रछाया गंवाई। उसके बाद घर की सारी जिम्मेदारियां बड़ी बहनों प्रियंका व संध्या ने संभाली। दोनों बहनों ने पढ़ाई रोककर उन्हें (श्वेता को) व भाई को पढ़ाकर उच्च अध्ययन करवाया।
पिता को दिया वचन पूरा, प्रगति में बहनों के साथ माता का भी सहयोग
श्वेता के अनुसार उन्होंने पिता को उनका नाम रौशन करने का वचन दिया था, वह वचन पूरा कर दिया है। उनकी प्रगति में बहनों के साथ माता धर्मिष्ठा का भी विशेष सहयोग रहा।
महेसाणा में शुरुआत, स्पेन में लिया जटिल प्रशिक्षण
श्वेता के अनुसार वर्ष 2016 में सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखकर महेसाणा में आयोजित शिविर में 35 हजार रुपए में 10 हजार फीट ऊंचाई से पहली छलांग लगाई और इस क्षेत्र में आगे बढऩे का निर्णय किया। उसके बाद सबसे सुरक्षित छलांग लगाने के प्रशिक्षण के बारे में इंटरनेट पर खोजबीन की। स्पेन में सुरक्षित व उचित प्रशिक्षण मिलने का रिव्यू प्राप्त होने पर दिसंबर 2018 में स्पेन गई और वहां हवा में उडऩे व आकाश से छलांग लगाने का जटिल प्रशिक्षण प्राप्त करना शुरू किया।
पहली बार में हाथ-पांव पर लगी चोट
उनके अनुसार पहली बार छलांग लगाने पर हाथ-पांव पर चोट लगी। इसके बावजूद चोट को सामान्य मानकर उड़ान जारी रखी। भारत में आकाश से छलांग लगाने के संबंध में अब तक समिति गठित नहीं हुई है। आकाश से छलांग लगाने के लिए यू.एस.ए. व यूरोप में अच्छे अवसर उपलब्ध हैं। आकाश से छलांग लगाने वाली श्वेता गुजरात की प्रथम महिला नागरिक हैं। स्पेन में 29 बार छलांग लगाकर छलांग लगाने का लाइसेंस प्राप्त करने वाली श्वेता के अनुसार सरकार से मंजूरी मिलने पर केवडिया कॉलोनी स्थित विश्व की सबसे ऊंची स्टेच्यू ऑफ यूनिटी से छलांग लगाने की इच्छा है।
Published on:
18 Jul 2021 10:42 pm
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