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स्मार्ट सिटी है गिफ्ट सिटी: मोदी

उन्होंने कहा कि गिफ्ट सिटी देश के स्मार्ट सिटी में सबसे सही रूप से स्मार्ट सिटी है। यह सिटी देश के सभी 100

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Mukesh Kumar Sharma

Jan 10, 2017

ahmedabad

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अहमदाबाद।उन्होंने कहा कि गिफ्ट सिटी देश के स्मार्ट सिटी में सबसे सही रूप से स्मार्ट सिटी है। यह सिटी देश के सभी 100 स्मार्ट सिटी गिफ्ट सिटी के अंडरग्राउन्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर देने की समझ रखेगी जो विश्व में बेहतर शहरों के साथ मुकाबला कर सकती है।

गिफ्ट सिटी में सोमवार को भारत के पहले अंतरराष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के पास पहले से सूचना तकनीक में विश्व स्तरीय प्रतिभा रही है। यदि वित्त में भी भारत के पास विश्व स्तरीय सुविधा हो तो सूचना तकनीक व वित्त के समागम (फिनटेक) से स्थिति काफी बेहतर हो सकती है। यह अहम काम गिफ्ट सिटी करेगा।
मोदी के मुताबिक आईएफएससी गिफ्ट सिटी का एक हिस्सा है। इंटरनेशनल एक्सचेंज की अवधारणा काफी साधारण लेकिन काफी शक्तिशाली है। यह भारतीय कंपनियों को विश्व भर के फाइनेंसियल सेन्टरों को एक समान मंच प्रदान करेगा।

नए सपनों के भारत के लिए अहम होंगे नए शहर

नए शहर नए सपनों के भारत के लिए काफी अहम होंगे। ये शहर आत्मविश्वास से भरपूर भारत, एक समृद्ध भारत व समेकित के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं। भारत के पास सूचना तकनीक में विश्व स्तरीय प्रतिभा है और इस क्षेत्र में भारत का नेतृत्व रहा है। लेकिन वित्त (फाइनेंस) सूचना तकनीक से पूरी तरह जुड़ा हुआा है। यह पूरी तरह स्पष्ट दिख रहा है कि भारत के भविष्य के लिए यह काफी अहम है।

2007 में गिफ्ट सिटी का संजोया सपना और अब मिली खुशी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वर्ष 2007 में मुख्यमंत्री के रूप में गिफ्ट सिटी का सपना देखा। तब इसका दृष्टिकोण सिर्फ भारत के लिए ही नहीं बल्कि विश्व भर की वित्त व सूचना तकनीक के लिए विश्व स्तरीय जोन बनाना था। अब और इस सिटी में भारत के पहले अंतराष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज का उद्घाटन करते हुए उन्हें खुशी हो रही है।

उन दिनों में और जब वे कहीं जाते हैं तब वे उन देशों के वित्तीय क्षेत्र के शीर्ष लोगों से मिलते थे। न्यूयॉर्क, लंदन, सिंगापुर, हांगकांग या अबूधाबी में कई लोग भारतीय मूल के होते थे। तब वे उनकी वित्तीय दुनिया की जानकारी और उनके अपनाए देश में योगदान से काफी प्रभावित हुआ करते थे। तब वे यह सोचते थे कि कैसे इन प्रतिभाओं को किस तरह वापस लाया जा सकता है और साथ ही पूरे वित्तीय क्षेत्र के लिए नेतृत्व कैसे तैयार किया जा सकता है?

गणित में भारत की एक लंबी परंपरा रही है। भारत ने दो हजार पूर्व शून्य व दशमलव पद्धति की अवधारणा दी। अब यह नया नहीं है कि भारत सूचना तकनीक व वित्त के दोनों क्षेत्रों में अगुआ हो चुका है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विजय रुपाणी, केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री अर्जुम राम मेघवाल, सेबी के अध्यक्ष यू के सिन्हा, बीएसई के चेयरमैन सुधाकर राव, गिफ्ट सिटी के चेयरमैन सुधीर मांकड व राज्य के मुख्य सचिव जे एन सिंह उपस्थित थे।