
स्टेच्यू ऑफ यूनिटी की कमाई ताजमहल से ज्यादा!
अहमदाबाद. नर्मदा जिले के केवडिया के निकट बनी सरदार पटेल की प्रतिमा 'स्टेच्यू ऑफ यूनिटी' को ग्यारह दिनों में करीब 1.28 लाख सैलानियों ने देखा, जिसमें कमाई करीब दो करोड़ रुपए तक पहुंच गई। जहां ताजमहल की तीन वर्षों की कमाई 75 करोड़ रुपए थी मतलब कि एक वर्ष की कमाई 25 करोड़। स्टेच्यू ऑफ़ यूनिटी ने 11 दिनों में करीब 2 करोड़ की कमाई की है, मतलब हर रोज 20 लाख रुपए है। यह कमाई सिर्फ टिकट की बताई जा रही है। इस प्रतिमा के आसपास दुकानदारों की कमाई को यदि शामिल किया जाए तो कमाई और बढ़ सकती है। जबकि ताजमहल की रोजाना औसतन कमाई 6 लाख रुपए है।
विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा में शुमार रखने वाली स्टेच्यू ऑफ यूनिटी का लोकार्पण 31 अक्टूबर को हुआ था, जिसे एक नवम्बर से आमजन के लिए खोला गया। सैलानियों में इस कदर आकर्षण है कि इन ग्यारह दिनों में 1.28 लाख सैलानी स्टेच्यू ऑफ यूनिटी देखने पहुंचे। दीपावली के चलते सबसे ज्यादा शनिवार को 27 हजार सैलानी वहां पहुंचे। रविवार को 24 हजार से ज्यादा सैलानी स्टेच्यू ऑफ यूनिटी देखने पहुंचे। गुजरात में पर्यटकों के लिए यह नया आकर्षण है, जिससे देश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा विदेशी सैलानी भी आना पसंद करेंगे। दिसम्बर के बाद प्रवासी भारतीयों और गुजरातियों का आना शुरू होगा। जितना इस प्रतिमा का आकर्षण है उस हिसाब से वे यहां जाना पसंद करेंगे। स्टेच्यू ऑफ़ यूनिटी जहां बनी है फिलहाल यहां ज्यादा विकास नहीं हुआ है। सैलानियों यहां आसानी से पहुंच सकें इसके लिए डभोई से केवडिया (स्टेच्यू ऑफ यूनिटी) तक रेलवे लाइन भी बिछाई जा रही है। यहां सितारा होटलों का भी निर्माण किया जा रहा है।
टूरिज्म डॅवलपमेन्ट ऑफ सोसायटी व अक्षर टै्रवल्स के चेयरमैन मनीष कुमार शर्मा ने बताया कि स्टेच्यू ऑफ यूनिटी ऐसी साइट हैं, जहां सैलानियों को को न सिर्फ नर्मदा बांध, नदी का नजारा देखने मिलेगा, बल्कि आदिवासी संस्कृति की झलक, वडोदरा का लक्ष्मी विलास पैलेस, वन्य जीवों की झलक देखने को मिलेगा। ताजमहल से स्टेच्यू ऑफ यूनिटी की तुलना नहीं की जा सकती है। दुनिया की जो भी धरोहर हैं उनका निचोड़ इस प्रतिमा में नजर आएगा। वल्र्ड टूरिज्म मार्ट (डबल्यूटीएम) में इसे प्रमोट किया है, जहां स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के प्रति खासी रुझान देखा गया।
उन्होंने बताया कि दीपावली पर तो सिर्फ गुजराती सैलानी ही आए हैं, लेकिन देश और विदेश के अलग-अलग हिस्सों से भी सैलानी आएंगे तो संख्या में और इजाफा होगा। दीपावली के बाद छह दिनों में टेन्ट सिटी में करीब 2200 लोगों ने टेन्ट में रात बिताई। अब तक देखा जाए तो ढाई सौ पौने तीन लाख सैलानी आ चुके हैं। उन्होंने बताया स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास काफी विकास होगा। जहां पहले जमीनों के दाम 15 लाख थे, जो 75 लाख रुपए प्रति बीघा तक पहुंच गए हैं। यहां टूरिज्म बढऩे से गुजरात की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में इजाफा होगा।
Published on:
12 Nov 2018 10:25 pm

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