
भुज/गांधीनगर. मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि एक समय कच्छ मात्र लिग्नाइट की खानों के लिए जाना जाता था, वर्तमान में अनेक प्रकार के उद्योग कच्छ में कार्यरत हो रहे हैं, औद्योगिक विकास में भी कच्छ अग्रसर हुआ है, औद्योगिक शांति व सुरक्षा के कारण निवेशक गुजरात में आकर्षित हो रहे हैं।
कच्छ जिले में मुंद्रा के समीप कुंदरोडी व रतालिया गांव के निकट आगामी पांच वर्ष में 15 हजार करोड़ रुपए के खर्च से निर्मित होने वाले वार्षिक 30 लाख टन की उत्पादन क्षमता वाले स्टील प्लांट का शिलान्यास करने के बाद रूपाणी ने यह बात कही। वाइब्रेंट समिट-2017 में किए गए एमओयू के तहत इंडो-चाइना की संयुक्त तौर पर क्रोमोनी स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्लांट के कारण क्षेत्र के करीब 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
पोर्ट विकास के कारण इंडोनेशिया आएगा कच्चा माल
मुख्यमंत्री ने कहा कि भौतिक व ढांचागत सुविधाओं के विकास के साथ कच्छ जिले में पोर्ट विकास के कारण बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है, पोर्ट के कारण ही इस स्टील प्लांट के लिए कच्चा माल इंडोनेशिया से आएगा। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि कच्छ जिले में भारत का सबसे बड़ा स्टील प्लांट कार्यरत होने से देश की जरूरत का स्टील कम मात्रा में आयात करना पड़ेगा।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष जितु वाघाणी, टीशांगशान आयरन एंड स्टील्स कंपनी के चेयरमैन शोअन गोआंद ने भी विचार व्यक्त किए। ने भी विचार व्यक्त किए। इस्कॉन ग्रुप के चेयरमैन प्रवीण कोटक ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि मंजूरी मिलने में दो वर्ष के मुकाबले मात्र छह महीने की अल्प अवधि में मंजूरी मिली है। राज्यमंत्री वासण आहिर, सांसद विनोद चावड़ा, विधायक विरेंद्रसिंह जाडेजा, मालती महेश्वरी, जिला पंचायत अध्यक्ष कौशल्या माधापरिया के अलावा महावीर अग्रवाल, महेंद्र शाह, वि_ल वघासिया, प्रधान सचिव एम.के. दास, जिला कलक्टर रेम्या मोहन आदि भी मौजूद थे।
Published on:
24 Jan 2018 05:02 pm
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