Tank wall collapse: शहर के जोधपुर गांव में अहमदाबाद नगर निगम(AMC) द्वारा संचालित जल वितरण पंपिंग स्टेशन की दीवार गिरने से बगल के व्रजभूमि अपार्टमेंट के बेसमेंट में अचानक लाखों लीटर पानी भर गया। पानी की टंकी ओवरफ्लो होते ही टूट गई और पानी सीधे बेसमेंट में 7 फीट तक भर गया। जिससे स्थानीय निवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पानी का बहाव इतना तेज था कि उसने कुछ ही देर में अपार्टमेंट के बेसमेंट को भर दिया। रात भर जागते रहे लोग बना वॉटरबॉम्बिंग जैसा दृश्य।
बेसमेंट में पड़ा सारा सामान भीग गया। स्थानीय बीजेपी पार्षद आशीष पटेल और फायर ब्रिगेड को सूचना देने के बाद वे तुरंत मौके पर पहुंचे। वरुणा पंप को स्थापित कर जल निकासी कराई गई।
बेसमेंट में भरा लाखों लीटर पीने का पानी
नगर निगम के जल वितरण स्टेशन की दीवार आज सुबह करीब चार बजे गिर गई। नतीजा यह कि बगल के व्रजभूमि अपार्टमेंट के बेसमेंट में लाखों लीटर पीने का पानी भर गया। जब फ्लैट में रहने वालों को पता चला तो वे तुरंत दौड़ पड़े। पानी की टंकी ओवरफ्लो हो गई और ओवरफ्लो लाइन के नीचे एक भूमिगत रिसाव सीधे फ्लैट के बेसमेंट तक पहुंच गया। जिससे बेसमेंट में रखा सभी सामान भीग गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
दीवार से सीधे फ्लैट तक पहुंचा पानी
जल वितरण केंद्र से पानी का रिसाव हुआ और दीवार से पानी सीधे फ्लैट तक पहुंच गया। स्थानीय निवासियों द्वारा पानी की टंकी के ओवरफ्लो होने की समस्या कई बार सामने रखी जा चुकी है। बीजेपी के वेजलपुर विधायक अमित ठाकरन ने भी पत्र लिखकर कहा कि जल वितरण केंद्र में पानी ओवरफ्लो हो रहा है। मगर प्रशासन ने इसपर कोई कार्यवाही नहीं की। इस घटना में साफ लापरवाही देखी जा सकती है और निवासियों द्वारा मामले की जांच कर विशिष्ट कार्रवाई करने की मांग की है।
दीवारों में तक उग आए हैं पेड़
पानी से बने हौदों में कूड़ा भरा हुआ है और सोसायटी की दीवारों में भी पेड़ उग आए हैं। जल वितरण केंद्र से राइजर और फ्लैटों की ओर पानी बहता है। इससे जलभराव और प्रदूषण होता है। आवेदन देने के बावजूद स्थानीय अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गयी। इसका नतीजा यह घटना है जिसमें लाखों लीटर पानी बर्बाद हो गया और फ्लैट के बेसमेंट में पानी भर गया।
नगर निगम द्वारा जल वितरण केंद्र में पानी टंकी चलाने के लिए जिस ठेकेदार को संचालन एवं रखरखाव का ठेका दिया गया है, उसके खिलाफ कार्रवाई एवं कार्रवाई की मांग की गयी।
पानी की टंकी को चालू व बंद करने के लिए 24 घंटे एक व्यक्ति मौजूद रहता है। जल वितरण केंद्र संचालन के लिए करोड़ों रुपये का ठेका देता है। पानी की टंकी को चालू और बंद करने के लिए एक आदमी को काम पर रखा जाता है और उसे यह ध्यान रखना होता है। उस रात केंद्र पर कोई व्यक्ति मौजूद था या नहीं इस बात की जांच शुरू कर दी गई है।