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वडोदरा के कमाटीबाग प्राणी संग्रहालय में तीसरे शावक की भी मौत

वडोदरा शहर के कमाटीबाग प्राणी संग्रहालय में 40 साल बाद सफेद बाघों की जोड़ी लाई गई थी। इसके बाद 9 अप्रेल को तीन शावकों का जन्म हुआ था। हालांकि, राधा के यहां खुशियों का माहौल बनने के 48 घंटे के भीतर ही वडोदरा शहर के कमाटीबाग प्राणी संग्रहालय में दो शावकों की मौत हो गई थी। तीसरे शावक को वडोदरा शहर के कमाटीबाग प्राणी संग्रहालय में विशेष केयर यूनिट में रखा गया था। उसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए थे, लेकिन करीब छह दिन पहले तीसरे शावक की भी मौत हो गई।

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Third Cub Also Dies at Vadodara's Kamatibaug Zoo

मृत शावक

सफेद बाघिन राधा के यहां खुशियों का माहौल बना था, यह खुशी एक महीने ही टिक सकी

वडोदरा. शहर के कमाटीबाग प्राणी संग्रहालय में सफेद बाघिन राधा के यहां खुशियों का माहौल बना था, लेकिन यह खुशी मुश्किल से एक महीने ही टिक सकी। तीसरे शावक की भी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, वडोदरा शहर के कमाटीबाग प्राणी संग्रहालय में 40 साल बाद सफेद बाघों की जोड़ी लाई गई थी। इसके बाद 9 अप्रेल को तीन शावकों का जन्म हुआ था। हालांकि, राधा के यहां खुशियों का माहौल बनने के 48 घंटे के भीतर ही वडोदरा शहर के कमाटीबाग प्राणी संग्रहालय में दो शावकों की मौत हो गई थी। तीसरे शावक को वडोदरा शहर के कमाटीबाग प्राणी संग्रहालय में विशेष केयर यूनिट में रखा गया था। उसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए थे, लेकिन करीब छह दिन पहले तीसरे शावक की भी मौत हो गई।
वडोदरा शहर के कमाटीबाग प्राणी संग्रहालय में सफेद बाघों का जन्म शहर के लिए गर्व का विषय था, लेकिन प्राकृतिक कारणों से यह खुशी दुख में बदल गई। वडोदरा शहर के कमाटीबाग प्राणी संग्रहालय में तीसरे शावक को मां राधा ने स्वीकार नहीं किया था और उसका वजन भी बहुत कम था, इसलिए वडोदरा शहर के कमाटीबाग प्राणी संग्रहालय में उसे क्वारंटीन में रखा था। शुरुआत में उसकी स्थिति में सुधार हुआ था, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर हालत बिगड़ गई। उसे पुराने लैब के विशेष केयर यूनिट में ले जाया गया था। वडोदरा शहर के कमाटीबाग प्राणी संग्रहालय में जागरेटर सहित दो पशु चिकित्सक लगातार उसकी निगरानी कर रहे थे, लेकिन 10 मई की रात शावक की मौत हो गई।
इस मामले में वडोदरा शहर के कमाटीबाग प्राणी संग्रहालय के क्यूरेटर प्रत्युश पाटनकर ने बताया कि चिकित्सकों की लगातार मेहनत के बावजूद शावक को बचाया नहीं जा सका। हमारी टीमें लगातार उसकी निगरानी कर रही थीं। अब राधा और वल्लभ को अलग-अलग रखा जाएगा।
वडोदरा शहर के कमाटीबाग प्राणी संग्रहालय में राधा ने करीब सवा महीने पहले ही शावकों को जन्म दिया था और फिलहाल वह नए शावकों को जन्म देने की स्थिति में नहीं है। इसलिए अगले दो महीनों तक राधा और वल्लभ की जोड़ी को वडोदरा शहर के कमाटीबाग प्राणी संग्रहालय में अलग रखा जाएगा। राधा की तबीयत में सुधार होने के बाद उन्हें फिर साथ रखा जाएगा और उसके बाद आने वाले महीनों में संभवतः नए शावकों का जन्म हो सकता है।