
Third Eye of Government making 'CM Dash Board'
गांधीनगर।गुजरात सरकार में अब प्रत्येक विभागों व जिलों व तहसील तक के कार्यो की निगरानी खुद मुख्यमंत्री अपने कार्यालय में केवल एक ‘सीएम डैश बोर्ड’ के मार्फत एक स्क्रीन पर करेंगे। इसके तहत 26 विभाग और सभी 33 जिलों को १७०० इंडिकेटरों को एक साथ जोड़ दिया हैं। यह 24 घंटों और सातों दिन कार्यरत रहेगा। इससे रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी।देश में ऐसा सीएम डैश बोर्ड सिर्फ गुजरात में है।सीएम रूपाणी का कहना है कि यह सीएम डैश बोर्ड राज्य सरकार की तीसरी आंख बनकर उभरेगा।
यह पारदर्शिता से तकनीक का उपयोग कर सुशासन का नवतर प्रयोग है। इसके डाटा से राज्यभर में जिलों में स्थिति का जायजा लेकर विभागों को दुरुस्त किया जाएगा। सीएम डैश बोर्ड की निगरानी से जिला स्तर पर अधिकारियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होगा जिससे सुशासन को बल मिलेगा। इसके आधार पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। गत 5 मई को आरंभ की गई इस प्रणाली को जुलाई अंत तक और भी ***** जोड़े जाएंगे।
कैसा है डैश बोर्ड सिस्टम
इसमें सर्वेलेन्स सिस्टम से राज्य के हर स्थान पर विभिन्न विभागों में कार्यो की स्थिति देखी जा सकेगी। इसके तहत फिलहाल राजस्व, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, ऊर्जा, सडक़ व भवन सहित 18 अलग-अलग क्षेत्र के 1700 सूचकों (इंडिकेटरों) का पता लगाया जा सकेगा। सीएम डैश बोर्ड त्रिस्तरीय संरचना है, जिसके तहत पहले कर्मयोगी-कर्मचारी, फिर सीएमओ के अधिकारी और अंत में सीएम खुद इसकी देखरेख करेंगे।यह डैश बोर्ड सी एम कार्यालय, नेशनल इन्फोर्मेटिक्स सेन्टर (एनआईसी) के सहयोग से तैयार किया गया है। सीएम कार्यालय के दो वरिष्ठ अधिकारियों और 12 लोगों की टीम ने इस सीएम डैश बोर्ड को अंजाम दिया।
क्या-क्या जानकारी मिलेगी एक जगह
सीएम डैश बोर्ड से राज्य परिवहन की कौन सी बस, किस रूट पर, कितनी देरी से चल रही है या आपातकालीन एंबुलेंस सेवा 108 किस इलाके में कौन सी स्थिति में है, किस सरकारी अस्पताल, पीएचसी, सीएचसी में कितनी डिलीवरी हुई है, किस कलक्टर के पास कितनी और कौन सी फाइल पेंडिंग है, किस जिले में कितना ड्रॉप आउट अनुपात है। ऐसी कई जानकारी सीएम कार्यालय में बैठकर जानी जा सकेगी। इसके डाटा से जनता के प्रश्नों की सीधी देख-रेख संभव हो सकेगी।
विधानसभा सत्र में आया था विचार
सीएम रूपाणी के अनुसार सीएम डैश बोर्ड का विचार उन्हें गत विधानसभा सत्र के दौरान तब आया जब विधायक किसी प्रश्न को लेकर जिला वार जानकारी मांगा करते हैं। तब उन्होंने यह सोचा कि क्यों न दिन प्रतिदिन के आधार पर एक ऐसी प्रणाली विकसित की जाए जिससे सरकार के पास ताजे आंकड़ें हो और संबंधित विभागों की कमियों पर ध्यान देकर उसे और बेहतर किया जा सके। उन्होंने इस बारे में सीएम कार्यालय के कुछ अधिकारियों से बात की।
Published on:
14 Jun 2018 05:04 am
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