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शेत्रुंजय पर्वत पर छ गाऊ की यात्रा में उमड़े हजारों लोग

पालीताणा : भगवान आदिनाथ का जय घोष

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शेत्रुंजय पर्वत पर छ गाऊ की यात्रा में उमड़े हजारों लोग

शेत्रुंजय पर्वत पर छ गाऊ की यात्रा में उमड़े हजारों लोग

पालीताणा/राजकोट. भावनगर जिले में पालीताणा िस्थत शेत्रुंजय पर्वत पर शनिवार को फाल्गुन सुद तेरस पर छ गाऊ की यात्रा में हजारों लोग उमड़े।

भगवान आदिनाथ के जय घोष के साथ शुरू हुई यात्रा में देशभर के 70,000 से ज्यादा यात्रियों ने यात्रा पूरी की। सप्ताहांत, तीन दिन की छुट्टियों, परीक्षाओं के समापन के बाद छ गाऊ यात्रा में जैन एवं जैनेत्तर श्रद्धालु शामिल हुए।कच्छ, राजकोट, भावनगर, अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, हैदराबाद, चेन्नई सहित देश-विदेश से बड़ी संख्या में यात्री इस साल यात्रा करने पहुंचे। आनंदजी कल्याणजी पेढ़ी की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए पानी, सुरक्षा, चिकित्सा एवं नर्सिंग की व्यवस्था की गई। पेढ़ी के पदाधिकारीा सह भावनगर के प्रार्थना युवक मंडल के मनीष शाह के नेतृत्व में 1200 स्वयंसेवक व्यवस्था में जुटे।

जो लोग यात्रा पर नहीं गए, वे सीधे ही वाहनों से आदपुर पहुंचे। पालीताणा से 8 किमी दूर आदपुर में 90 पांडाल लगाए गए। इनमें यात्रियों को दही, छाछ, फल, सेव, साकर का पानी, काढ़ा, सूखे मेवे, चाय आदि विभिन्न सामग्रियां को परोसी गईं।यात्रियों ने छ गाऊ की यात्रा पूरी की और आदपुर पहुंचे, जहां 40 से ज्यादा अलग-अलग संघों की ओर से प्रत्येक यात्री के पैर धोए गए और तिलक कर पूजन किया गया। यात्रा के दौरान पुलिस की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई।

कठिन यात्रा

शाम्ब और प्रद्युम्न की याद में की जाने वाली छ गाऊ की यात्रा अत्यंत कठिन मानी जाती है। यात्रा पालीताणा िस्थत शेत्रुंजय पर्वत की तलहटी से शुरू होती है और फिर हनुमान मढ़ी होते हुए भगवान आदिनाथ के मंदिर के समीप पहुंचती है। वहां यात्री, भगवान आदिनाथ के दर्शन करते हैं। उसके बाद रामपोल के द्वार के बाहर दाईं ओर की सड़क से छ गाऊ की प्रदक्षिणा की शुरुआत की जाती है। उससे आगे उल्काजल, भगवान अजितनाथ व शांतिनाथ की देहरी से सिद्ध शिला और चंदन तलावडी होकर डूंगर पर चढ़कर वापस सिद्धवड आदपुर पहुंचकर यात्रा पूरी होती है।