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इंदिरा ब्रिज के नीचे जून-२०१८ तक होगा तैयार

गुजरात में बसे बिहार व पूर्वी उत्तरप्रदेश के लोगों को छठ महापर्व की पूजा करने के लिए साबरमती नदी तट के कच्चे हिस्से में नहीं बैठना पड़ेगा। ना ही उन्हे

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Under Indira Bridge, ready till June -2018

Under Indira Bridge, ready till June -2018

अहमदाबाद।गुजरात में बसे बिहार व पूर्वी उत्तरप्रदेश के लोगों को छठ महापर्व की पूजा करने के लिए साबरमती नदी तट के कच्चे हिस्से में नहीं बैठना पड़ेगा। ना ही उन्हें नदी के अंदर पूजा करने के दौरान ज्यादा डरने व घबराने की जरूरत रहेगी। उनके लिए अहमदाबाद में छठ पूजा के लिए घाट तैयार हो जाएगा।


शहर के इंदिराब्रिज के नीचे छठ पूजा के लिए छठ घाट तैयार किया जा रहा है। पक्के घाट को तैयार किया जा रहा है। करीब साढ़े दस करोड़ रुपए की लागत से यहां घाट को बनाया जा रहा है।

जिसके जून-२०१८ तक बनकर तैयार होने की संभावना है। यह घाट रिवरफ्रंट की तर्ज पर विकसित होगा। इसकी विशेषता यह होगी कि यहां घाट पर पानी में खड़े होकर पूजा करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

सीढिय़ों के जरिए इतनी गहराई तक नीचे जाया जा सकेगा कि उसमें पूजा आसानी से हो सके। हजारों महिलाएं व पुुरुष एक साथ यहां पूजा कर सकें इतने इलाके में घाट को तैयार किया जा रहा है।

इतना ही नहीं यहां पास के हिस्से में उनके परिजनों के बैठने की व्यवस्था होगी। ज्ञात हो कि बीते वर्ष २०१५ में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने छठ महापर्व के दौरान अहमदाबाद में छठ पूजा के लिए विशेष घाट बनाने की घोषणा की थी। इस पर काम भी शुरू हो गया है।

अब निजी कर्मचारी भी ले सकेंगे ‘डाक जीवन बीमा’

अब सरकारी और अद्र्ध सरकारी ही नहीं बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर, प्रबंधन सलाहकार, चार्टर्ड अकाउन्टेन्ट, वकील और बैंककर्मी जैसी निजी कर्मचारी भी डाक जीवन बीमा (पीएलआई) ले सकेंगे। पीएलआई की पॉलिसी न सिर्फ डाक घरों पर, बल्कि डाक एजेंट के जरिए भी ली जा सकेंगी। मौजूदा समय में पांच हजार से ज्यादा डाक एजेंट हैं। साथ ही भारतीय डाक की वेबसाइट पर ऑनलाइन प्रीमियम भी भुगतान किया जा सकेगा। फिलहाल गुजरात सर्किल में 13.77 लाख पॉलिसी हैं, जिसमें 5.58 लाख पीएलआई और 8.19 लाख ग्रामीण डाक जीवन बीमा (आरपीएलआई) धारक हैं। गुजरात सर्किल के पोस्ट मास्टर जनरल अम्बेश उपमन्यु ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने दावा किया कि निजी बीमा की तुलना में डाक पॉलिसियों का बीमा शुल्क कम और लाभांश अधिक है। साथ ही अधिकतम बीमित राशि पीएलआई के तहत 50 लाख और आरपीएल के तहत 10 लाख है। आयकर में राहत दी जाती है। डाक जीवन बीमा योजना में सुरक्षा (आजीवन बीमा), संतोष (स्थायी निधि जमा), सुविधा, सुमंल, युगल सुरक्षा और बच्चों की पॉलिसियां हैं। इनके लिए मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, एड्रेस प्रुफ, पैन कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो होना जरूरी है। बीमा लेने के लिए डाक विभाग की अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर संपूर्ण डाक जीवन बीमा योजना का फार्म डाउनलोड करना होगा, जिसमें पूरी जानकारी भरकर नजदीकी डाकघर में जमा कराना होगा।

उन्होंने कहा कि डाक जीवन बीमा सरकारी और अर्ध सरकारी कर्मचारियों के लिए सबसे पुरानी बीमा योजनाओं में से एक है, जो 1884 में शुरू की गई। मल्होत्रा समिति की सिफारिशों पर 1995 में ग्रामीण डाक जीवन बीमा के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों विशेष रूप से इन इलाकों के वंचित लोगों और महिलाओं के लिए बीमा कवर किया जाता है, लेकिन अब निजी कर्मियों को भी पीएलआई में शामिल किया गया है।