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वडोदरा : एसएसजी अस्पताल में ब्रेन डेड मरीज के अंगों का दान

उच्च रक्तचाप, इंट्रा-पैरेन्काइमल हेमरेज की गंभीर स्थिति में कराया था भर्ती, सामान्य स्थिति में अचानक गिरावट के कारण संभव नहीं हो सकी सर्जरी वडोदरा. शहर के निवासी एक ब्रेन डेड मरीज के अंगों का दान किया गया।मरीज सुरेश चौहान को 3 जून को एसएसजी अस्पताल में मेडिसिन विभाग की बी यूनिट में भर्ती किया गया। […]

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उच्च रक्तचाप, इंट्रा-पैरेन्काइमल हेमरेज की गंभीर स्थिति में कराया था भर्ती, सामान्य स्थिति में अचानक गिरावट के कारण संभव नहीं हो सकी सर्जरी

वडोदरा. शहर के निवासी एक ब्रेन डेड मरीज के अंगों का दान किया गया।
मरीज सुरेश चौहान को 3 जून को एसएसजी अस्पताल में मेडिसिन विभाग की बी यूनिट में भर्ती किया गया। उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के इतिहास के साथ इंट्रा-पैरेन्काइमल हेमरेज (आईपीएच) की गंभीर स्थिति में भर्ती करने के बाद सर्जरी की योजना बनाई गई। मरीज की सामान्य स्थिति में अचानक गिरावट के कारण सर्जरी संभव नहीं हो सकी।
फिर परिजनों से बात कर उन्हें अंगदान के बारे में समझाया गया। परिजनों ने अंग दान के लिए सहमति दे दी। सभी कानूनी और चिकित्सा प्रक्रियाएं 5 जून को शुरू की गईं। अंग दान टीम के सहयोग से सभी कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए गए। रोगी से लीवर और दोनों आंखें सफलतापूर्वक प्राप्त कर ली गईं।
इस प्रक्रिया में डॉ. अजय, डॉ. दीप, डॉ. दिवाकर, मेडिसिन विभाग की बी यूनिट की टीम, सभी एनेस्थीसिया विशेषज्ञ और आईसीयू स्टाफ के उदय, हेतल और रोशनी ने सहयोग किया।
संपूर्ण कार्य डॉ. नरेंद्र उमा के मार्गदर्शन में संपन्न हुए। अंग दान के कार्य के लिए डॉ. श्रेया, डॉ. नरेंद्र उमा, डॉ. ममता एवं डॉ. पार्थ आदि चिकित्सा अधिकारियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मरीज की पत्नी ज्योति और पुत्रों अमित व ललित की सराहना की गई, जिन्होंने पूरी समझदारी और धैर्य के साथ इस मानवीय कदम को संभव बनाया।