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विजय रूपाणी गुजरात के नए सीएम, नितिन होंगे डिप्टी सीएम

चार दिन चले राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद आखिरकार सारी अटकलों के उलट प्रदेश अध्यक्ष विजय रुपाणी को ही गुजरात के नए मुख्यमंत्री के लिए चुन लिया गया। दौड़ में सबसे आगे चल रहे आनंदीबेन पटेल सरकार में नंबर दो पद पर रहे मंत्री नितिन पटेल को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है।

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kamlesh sharma

Aug 06, 2016

Gujarat CM Vijay Rupani

Gujarat CM Vijay Rupani

चार दिन चले राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद आखिरकार सारी अटकलों के उलट प्रदेश अध्यक्ष विजय रुपाणी को ही गुजरात के नए मुख्यमंत्री के लिए चुन लिया गया। दौड़ में सबसे आगे चल रहे आनंदीबेन पटेल सरकार में नंबर दो पद पर रहे मंत्री नितिन पटेल को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय पर्यवेक्षक नितिन गड़करी, सरोज पांडे की मौजूदगी में भाजपा विधायक दल की बैठक में विजय रुपाणी के नाम पर मुहर लग गई। तीन दिन पहले ही 60वां जन्मदिन मनाने वाले रुपाणी का यह शाह का तोहफा माना जा रहा है। अब उन्हीं के कंधों पर अगले वर्ष के अंत में विधानसभा चुनाव की बड़ी जिम्मेदारी होगी। रुपाणी गुजरात की राजनीति में निर्विवाद माने जाते हैं। इधर, माना जा रहा है कि पाटीदारों के आक्रोश को थामने के लिए नितिन पटेल को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है।

प्रदेश भाजपा मुख्यालय 'कमलम्' में मीडिया और कार्यकर्ताओं के भारी हुजूम के बीच सुबह 11 बजे के बाद से रहस्यमय फिल्म की तरह सस्पेंस का माहौल बना रहा। हर आने-जाने वाले नेताओं के हाव-भाव पर सबकी नजरें टिकी रहीं। शाम करीब पौने छह बजे लंबी जद्दोजहद का अंत हुआ और आखिर में रुपाणी के नाम की घोषणा कर सबको चौका दिया।

'कुसुम विला' से 'कमलम्' तक बैठकों का दौर 'कमलम्' में विधायकों की बैठक से पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के निवास 'कुसुम विला' पर सुबह से बैठकों का दौर चला। फिर दोपहर बाद करीब ढाई बजे भाजपा के केन्द्रीय पर्यवेक्षक-नितिन गडकरी व सरोज पांडे भी हवाईअड्डे से सर्किट हाउस पहुंचे जहां दोनों की शाह के साथ बैठक हुई।

इसमें अंदरूनी तौर पर नए नेता के नाम पर चर्चा हुई। बाद में दोनों पर्यवेक्षक व शाह कमलम् पहुंचे। इसके बाद विधायक दल की बैठक में विजय रुपाणी और नितिन के नाम पर फैसला लिया गया।15 वर्ष बाद सौराष्ट्र से सीएमराज्य को 15 वर्ष बाद सौराष्ट्र क्षेत्र से मुख्यमंत्री मिला है।

इससे पहले भाजपा के कद्दावर नेता रह चुके केशूभाई पटेल इस क्षेत्र से अंतिम सीएम थे। सौराष्ट्र से इस पद तक पहुंचने वाले रुपाणी पांचवें सीएम हैं। राज्य के पहले मुख्यमंत्री जीवराज मेहता भी सौराष्ट्र के अमरेली से थे। दूसरे मुख्यमंत्री बलवंतराय मेहता तथा छठे मुख्यमंत्री छबील दास मेहता भावनगर जिले से थे। वर्ष 2001 में वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुख्यमंत्री बनने से ठीक पहले केशूभाई इस पद पर थे जो सौराष्ट्र के जूनागढ़ जिले से संबद्ध रखते हैं। पहली बार विधायक और सीएम- संघ के कार्र्यकर्ता विजय रुपाणी के बारे में जाने जाते हैं।

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