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लव जिहाद से बेटियों को बचाने के लिए अहमदाबाद में आवाज उठाता विश्व उमियाधाम फाउंडेशन

विश्व उमियाधाम फाउंडेशन ने बेटियों को लव जिहाद से बचाने के लिए कमर कस ली है। उनके द्वारा लव जिहाद जागरूकता के एक बड़ी पहल की गई है।

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लव जिहाद से बेटियों को बचाने के लिए पहल

लव जिहाद से बेटियों को बचाने के लिए अहमदाबाद में आवाज उठाता विश्व उमियाधाम फाउंडेशन

लव जिहाद देश में एक बड़ी समस्या बनकर उभर रहा है। समाज की बेटियों को इस साजिश से दूर रखने के लिए विश्व उमियाधाम फाउंडेशन ने युवाओं में जागरूकता जगाने की पहल की है। गुजरात के विश्व उमियाधाम की ओर से लव जिहाद पर जागरूकता पैदा करने के लिए एक अनोखा प्रयास शुरू किया गया है। लव जिहाद की शिकार केरल की पांच लड़कियां आज अहमदाबाद शहर पहुंचेंगी। केरल की लव जिहाद की शिकार पांच महिलाएं आज अहमदाबाद शहर में अन्य लड़कियों को जगाने के लिए अपनी यातना सुनाएंगी।

इस घटना पर 'द केरल स्टोरी' नाम से एक बॉलीवुड फिल्म भी बनाई गई थी। केरल स्टोरी फिल्म केरल की सच्ची घटनाओं पर बनाई गई थी, जो लव जिहाद पर एक जागरूकता कार्यक्रम था। जिसमें दिखाया गया कि कैसे हिंदू लड़कियों का ब्रेनवॉश कर उन्हें लव जिहाद के लिए तैयार किया जाता है। केरल की इन पीड़ित महिलाओं की मौजूदगी में सोला के केवीएस उमिया कॉलेज में एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। प्रोग्राम के तहत सोला कैंपस में दो हजार से ज्यादा लड़कियों को मार्गदर्शन मिलेगा।

इसके अलावा लड़कियों को केरल स्टोरी फिल्म भी दिखाई जाएगी। विश्व उमियाधाम के अध्यक्ष आरपी पटेल ने कहा कि लव जिहाद की घटना से पूरा समाज चिंतित है। यह जागरूकता अभियान बेटियों को बचाने के लिए शुरू किया गया है।

कार्यक्रम का मार्गदर्शन केरल की लड़कियां करेंगीं जो लव जिहाद की शिकार थीं और अब बदल चुकी हैं और सनातन धर्म के लिए काम करती हैं। केरल की श्रुति, शांतिकृष्ण, अनघा, अनुषा और वैशाली ने गुजरात की लड़कियों को इस रास्ते पर न जाने के लिए मार्गदर्शन दिया। साथ ही खुद पर हुई यातनाओं को समाज के सामने रखा।

11 साल पहले मेरा ब्रेनवॉश किया

जिहाद की शिकार श्रुति ने अनुभव बताते हुए कहा: 11 साल पहले मेरा इस हद तक ब्रेनवॉश किया कि मैंने कानूनी तौर पर कबूल किया और पूरी जिहादी बन गई। मैंने अपना नाम भी बदल लिया। लेकिन ये लव जिहाद नहीं था। बच्चों में सनातन धर्म के बारे में जानकारी का अभाव ही धर्मांतरण का सबसे बड़ा कारण है। उसके बाद घर पर मेरे माता-पिता और भाइयों के साथ मेरा व्यवहार भी बदल गया। और आगे कहा कि मैंने अपना घर भी छोड़ दिया। मैंने उनके धर्म को अपना धर्म समझा।

धीरे-धीरे मैं इस साजिश में फंस गई

अन्य पीड़िता वैशाली शेट्टी ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि 7 साल पहले मेरे साथ इस तरह की घटना हुई।उनके साथ काम करने वाले अधिकतर कर्मचारी गैर-धार्मिक लोग थे। वह सदैव अपने धर्म को सर्वोच्च बताने की बात करते थे। उस समय सनातन धर्म या हिंदू धर्म के बारे में पर्याप्त ज्ञान नहीं था, इसलिए मैं उनकी बातों में आ गई। फिर लोगों ने मेरा ब्रेनवॉश किया और मुझे सनातन धर्म से नफरत होने लगी।

लवजेहाद एक सुनियोजित साजिश

विश्व उमियाधाम फाउंडेशन उपाध्यक्ष दिलीपभाई पटेल बोले कि देश की बेटियां जिहादियों से लड़कर अपने धर्म में लौट आई हैं। कई अन्य बेटियों ने भी लव जिहाद पर काबू पाया।

लव जिहाद एक संगठित साजिश है। इसमें दो बातें जिनमें एक है समाज की बेटियों को जागरूक करना और इसके प्रति सचेत रहना और अपनी बेटियों को बचाना। एक और महत्वपूर्ण यह कि लव जिहाद में शामिल हमारी बेटियों को उनके माता-पिता या समाज स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए विश्व उमियाधाम अभियान चला रहा है कि अगर किसी भी समाज की बेटी अपनी पीड़ा व्यक्त करती है तो हमेशा उसके साथ खड़ा होने के लिए तैयार।

केरल में अब तक 7500 से ज्यादा लोग जिहाद का शिकार हो चुके हैं। केरल में धर्म परिवर्तन के कई मामले सामने आ चुके हैं। जिसमें हिंदू युवक-युवतियों को उनके धर्म से नफरत करवाकर उनका धर्म स्वीकार करने का सुझाव दिया जाता है। धर्मांतरित किए लोगों को आतंकी संगठन में भेज दिया जाता।