9 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान में यहां मिलेंगे रोजगार के अवसर, खर्च होंगे 203 करोड़

https://www.patrika.com/rajasthan-news/

2 min read
Google source verification

अजमेर

image

Nidhi Mishra

Aug 11, 2018

203 crore rupees to be spent on marble and granite industry

203 crore rupees to be spent on marble and granite industry

किशनगढ़/ अजमेर। मार्बल और ग्रेनाइट उद्योग को बढ़ावा देने के लिए मार्बल एरिया में रीको के छठे चरण की तैयारी है। इसके तहत 264 प्लॉट की ब्रिकी जाएगी। इस पर करीब 203 करोड़ रुपए खर्च होंगे। किशनगढ़ की मार्बल मंडी एशिया की सबसे बड़ी मंडी है। यहां से मार्बल देश और विदेश तक जाता है। मार्बल उद्योग से हजारों लोग जुड़े हुए हैं। यहां पर मार्बल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए रीको की ओर से छठा चरण शुरू किया जा रहा है। यह 87.63 हेक्टेयर में फैला होगा। इसमें 264 प्लॉटों की ब्रिकी पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर होगा। रीको की ओर से इसके लिए टेक्निकल स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इससे जहां एक और मार्बल उद्योग को बढ़ावा मिलेगा वहीं रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर होगी ब्रिकी
रीको की ओर से छठें चरण में प्लॉट की ब्रिकी पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर होगी। इसमें 3,550० रुपए प्रतिवर्ग मीटर के हिसाब से ब्रिकी होगी। इसमें 500 वर्गमीटर से 25 हजार वर्गमीटर तक के प्लॉट है।


203 करोड़ रुपए होंगे खर्च
रीको के छठे चरण पर करीब 203 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें जमीन की कीमत, सड़क और लाईटें आदि सभी सुविधाएं शामिल हैं। इसके लिए नाप-चौक आदि सभी कार्य हो चुके हैं। अब सिर्फ टेक्निकल स्वीकृति का इंतजार है। इसके बाद प्लॉट आदि की ब्रिकी की प्रकिया प्रारंभ की जाएगी।


भारत सरकार लगा सकती है इस बड़े प्रस्ताव पर मुहर
जिले के किशनगढ़ तहसील के ग्राम सलेमाबाद का नाम परिवर्तन कर निम्बार्कतीर्थ करने की कवायद अब तेज कर दी गई है। अखिल भारतीय निम्बाकाचार्य की प्रमुख पीठ स्थापित होने से बरसों से गांव की सरकार की प्रमुख मांग पर राजस्थान सरकार के राजस्व विभाग की सिफारिश पर भारत सरकार गजट प्रकाशित कर रही है। बाड़मेर के मिया का बाड़ा का नाम बदलकर महेशनगर रखा गया है, इसी तर्ज भी सलेमाबाद का नाम भी अब निम्बार्क तीर्थ रखा जा सकता है।

भारत सरकार ने राजस्थान सरकार के राजस्व विभाग की सिफारिश पर 15 गांवों के नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू की गई है। राज्य सरकार का राजस्व विभाग गांव के नए नाम को गजट प्रकाशित कर रहा है। गजट प्रकाशित होने के साथ सलेमाबाद को निम्बार्क तीर्थ के रूप में दस्तावेजी नाम मिल जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि यहां के रहने वाले जागीरदार सलीम खान के नाम पर गांव का नाम सलेमाबाद पड़ा था। लेकिन बरसों पूर्व ग्रामीणों की ओर से इस नाम परिवर्तन की आवाज उठाई जारी रही है। वर्ष 1995 में भी इस मांग ने जोर पकड़ा।