27 मार्च 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नवसृजन में 25 फिल्मी संगीतकारों ने की गीत-संगीत की जुगलबंदी

सप्तक की सांस्कृतिक संध्या ‘एक शाम संगीतकार कुलदीप सिंह’ के नाम

3 min read
Google source verification

अजमेर

image

dinesh sharma

image

दिनेश कुमार शर्मा

Mar 27, 2026

ajmer

अजमेर. सप्तक की सांस्कृतिक संध्या नवसृजन में बॉलीवुड संगीतकार, अति​थि व अन्य।

अजमेर ( Ajmer news). बॉलीवुड संगीतकार ‘इतनी शक्ति हमें देना दाता’ फेम कुलदीप सिंह के संगीत निर्देशन में फिल्मी दुनिया के 25 संगीतकारों ने जब राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के कलाकारों के साथ गीत संगीत की जुगलबंदी की तो संगीत रसिकों ने तालियों से ऑडिटिरयम को गुंजायमान कर दिया।

चैत्र नवरात्र और नव सम्वतसर के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष और सप्तक के रजत जयंती महोत्सव के तहत संस्कृति द स्कूल में सांस्कृतिक संध्या आयोजित की गई। सांस्कृतिक संध्या ‘नवसृजन’ एक शाम संगीतकार कुलदीप सिंह के नाम में ‘फिल्मी दुनिया के 25 संगीतकारों ने अपनी प्रस्तुति से संगीत प्रेमियों को करीब साढ़े 3 घंटे तक बांधे रखा।

पिया तू अब तो आजा...

संस्कृति द स्कूल में आयोजित सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत बॉलीवुड के जाने-माने सैक्सोफोन प्लेयर श्याम राज ने जब पिया तू अब तो आजा, महबूबा-महबूबा जैसे कई सदाबहार गीतों की प्रस्तुति से हुई। ड्रम्स पर 82 वर्ष के सुरेश सोनी ने संगीत के युवा साधक जैसा जोश दिखाया। श्याम एडवंकर ने कांगो-तुंबा पर प्रस्तुति दी। गिटारिस्ट समीर रॉय और अरविंद हल्दीपुर की जुगलबंदी व इसके बाद रवि इंदौरकर, निशा मोकल, चेतन इंदौरकर ने ढोलक, ऑक्टोपैड पर प्रस्तुति दी। ट्रम्पफैट प्लेयर रमेश गुरुंग ने आने वाला पल जाने वाला है आदि गीतों की प्रस्तुति दी।

ऐ मेरे वतन के लोगो...

आरएसएस के अखिल भारतीय सह व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक ने सुप्रानो पर ऐ मेरे वतन के लोगो गीत की प्रस्तुति दी। अनिल ने सुप्रानो और आरएसएस के अखिल भारतीय शारीरिक शिक्षण प्रमुख जगदीश ने बांसुरी पर ज्योत से ज्योत जलाते चलो गीत प्रस्तुत किया। बांसुरी वादक रंजीत नायक ने मेरे देश की धरती पर बांसुरी की प्रस्तुति दी। समारोह में 8 वायलिन प्लेयर्स के ग्रुप ने भी प्रस्तुति दी। मार्गदर्शक सुनीलदत्त जैन ने आरएसएस के शताब्दी वर्ष और सप्तक के रजत जयंती महोत्सव की यात्रा पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि संस्कार भारती के त्रिक्षेत्रीय संगठन मंत्री विजय ने समाज में समरस्ता का संदेश दिया। विशिष्ट अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता हनुमानदयाल बंसल थे।

समारोह में इन्होंने दी प्रस्तुति

समारोह में डॉ. रमेश अग्रवाल ने मुझको इस रात की तन्हाई में..., डॉ. रविराज सिंह ने मेरे दिल ने तड़प के..., ऋचा राठौड़ ने शोख नजर की बिजलियां..., जयपुर के राजेश शर्मा ने यहां-वहां सारे शहर में तेरा राज है..., निहारिका ने अकेले हैं..., ललित चतुर्वेदी ने आने वाला पल..., रविन्द्र जैन ने आने से जिसके..., राजीव सक्सैना ने जनम-जनम का साथ है..., नरेंद्र जैन ने गंगा तेरा पानी अमृत..., मुकेश परिहार ने संसार है इक नदिया..., सतीश विजयवर्गीय ने लो श्रद्धांजलि राष्ट्र पुरुष..., मूमल परिहार ने क्यूं जिंदगी की राह में..., भारती सोनी ने नींद चुराए, चैन चुराए..., डॉ. रजनीश-हृदयांशी चारण ने जब कोई बात बिगड़ जाए..., विवेक पारीक ने ये जमीं गा रही है... आदि सदाबहार गीत पेश किए। 

इतना मीठा राम नाम है... से शुरुआत 

इससे पूर्व समारोह की शुरुआत डॉ. के. के. शर्मा ने भजन इतना मीठा राम नाम है से की। वरिष्ठ कलाकार गोप मीरानी ने हवाइन गिटार पर आओ हुजूर आओ... गीत की प्रस्तुति दी। उनके साथ ललित कुमार शर्मा ने कांगो-बांगो, सतीश दीक्षित ने ऑक्टोपैड, सुनील जैन ने बोंगा, धर्मेंद्र सोनी ने जैमवे पर संगत की। समारोह में राजस्थान क्षेत्र के प्रचारक प्रमुख श्रीवर्धन, संस्कृति द स्कूल की प्रबंधन समिति के सदस्य प्रखर गोयल, प्राचार्य मनीषा जौहरी, मनोज डबरवाल, भारतेश मंगल, अमर सिंह, नीरज जैमन, नितिन सोनी, सुरेंद्र कुमावत आदि मौजूद थे। संचालन वर्तिका शर्मा, अनिल जैन और रमेश सोनी ने किया। 

इतनी शक्ति हमें देना दाता...

समारोह में संस्कृति द स्कूल के बच्चों ने इतनी शक्ति हमें देना दाता... प्रार्थना की प्रस्तुति दी तो उनके सामने इस गीत के संगीत निर्देशक कुलदीप सिंह भी थे। बच्चों की प्रस्तुति पर उनकी भूली-बिसरी यादें ताजा हो गईं। संगीतकार कुलदीप ने सप्तक को रजत जयंती से शताब्दी वर्ष और इसके बाद भी कला-संस्कृति की सेवा की यात्रा बिना विश्राम के जारी रहने का आशीर्वाद दिया। गौड़ ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष अनिल भारद्वाज ने संगीतकार कुलदीप सिंह व उनकी पत्नी का स्वागत किया। 

11 कला साधकों का सम्मान

समारोह में सप्तक की ओर से संगीतकार कुलदीप सिंह को परम पूज्य केशव-माधव सम्मान, सैक्सोफोन प्लेयर श्याम राज को योगेंद्र दा सम्मान, ठाकुर सिंह को शंकर-जयकिशन सम्मान, गिटारिस्ट अरविंद हल्दीपुर को एसडी-आरडी-मीरा बर्मन सम्मान, बेस गिटारिस्ट समीर रॉय को लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल सम्मान, श्याम एडवंकर को बाबला सम्मान, एक्स्ट्रा परकशनिष्ट रवि इंदौरकर को वनराज भाटिया सम्मान, ड्रमर सुरेश सोनी को जयदेव सम्मान, बांसुरी वादक रंजीत नायक को मनोहरि दा सम्मान, ट्रम्पफेट प्लेयर रमेश गुरुंग को आचार्य रामप्रसाद शर्मा सम्मान और की-बोर्ड प्लेयर रविन्द्र काम्बले को सप्तकश्री सम्मान प्रदान किया गया।