
राशन का 300 सौ क्विंटल गेहूं ‘जीम ’ गया परिवहन ठेकेदार ! गोदाम से उठाया,लेकिन डीलर तक नहीं पहुंचाया
Ajmer अजमेर. भारतीय खाद्य निगम के गोदाम से राशन के गेहंू उठाकर परिवहन ठेकेदार ने खुर्दबुर्द कर दिया। मामले में राज्य खाद्य आपूर्ति निगम अजमेर प्रबंधक ने परिवहन ठेकेदार के खिलाफ गेहूं की कालाबाजारी करने का मुकदमा रामगंज थाने में दर्ज करवाया है। पुलिस ने प्रकरण दर्जकर अनुसंधान शुरू कर दिया। उधर, परिवहन ठेकेदार ने विभागीय अधिकारियों पर भी द्वेषतापूर्वक मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया है।
राजस्थान राज्य खाद्य आपूर्ति निगम अजमेर के प्रबंधक सुनील शर्मा ने रिपोर्ट में बताया कि जिले में राशन की दुकानों पर सप्लाई के लिए झुंझुनूं की मारूति एंटरप्राइजेज के सुरेन्द्र अग्रवाल का ठेका है। रसद विभाग की जांच में सामने आया कि फर्म ने अजमेर एफसीआई के गोदाम से जिले की सप्लाई का गेहूं उठा लिया, लेकिन राशन की दुकान तक नहीं पहुंचाया।
सप्लाई में अनियमितता पर विभागीय टीम ने गोदाम का भौतिक सत्यापन किया। जांच में निगम ने परिवहन ठेकेदार अग्रवाल के खिलाफ रामगंज थाने में राशन के गेहूं को खुर्दबुर्द करने व कालाबाजारी की आशंका जाहिर की। जांच रिपोर्ट के बाद मुकदमे की कार्रवाई की गई।
अवकाश के दिन भी जद्दोजहद
करीब 25 राशन की दुकानों पर गेहूं नहीं पहुंचने पर निगम के महाप्रबंधक जयपुर से अजमेर आए। रसद विभाग में दिनभर की जद्दोजहद के बाद शनिवार को देर शाम निगम प्रबंधक सुनील शर्मा ने ठेकेदार के खिलाफ रामगंज थाने में मुकदमा दर्ज करवाया।
सप्लाई व स्टॉक के ऑनलाइन सत्यापन में खुली पोल
रसद विभाग की पड़ताल में सामने आया कि मारूति एन्टरप्राइजेज के संचालक अग्रवाल ने गेहूं अधिकृत गोदाम की बजाए दूसरे अनाधिकृत गोदाम में रख रखा था। रसद विभाग की टीम ने गोदाम में छापा मारा, जहां 292 कट्टों में करीब 144 क्विंटल
71.420 किग्रा गेहूं पाया।
ठेकेदार ने 5 जुलाई को एफसीआई गोदाम से गेहूं का उठाव कर लिया, मगर जिले के 25 राशन विक्रेताओं के यहां सप्लाई नहीं दी। सप्लाई व स्टॉक के ऑनलाइन सत्यापन में ठेकेदार की पोल खुल गई।
रसद विभाग ने जिले के 25 राशन विक्रेताओं की सूची सौंपी, जिन्हें गेहूं सप्लाई दर्शाई गई लेकिन 147 क्विंटल 87 किग्रा गेहूं राशन की दुकान तक नहीं पहुंचा।
द्वेषता से कराया मामला दर्ज
दूसरी ओर सुरेन्द्र अग्रवाल परिवहन ठेकेदार की सफाई है कि उसने जीएम के समक्ष सारा हिसाब-किताब रख दिया। बंद पोस मशीनों पर सप्लाई भेज दी। मशीने बंद मिलने पर सप्लाई दिए बिना आ गए। इसका स्टॉक गोदाम में है। मामला दो माह पूर्व का है, लेकिन जिला रसद अधिकारी की डिमांड पूरी नहीं करने पर मुकदमा दर्ज कराया गया।
Published on:
24 Jul 2021 11:36 pm

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