
income tax raid
अजमेर .
आयकर विभाग की बीत महीने हुई सर्वे की कार्रवाई में वैशाली नगर स्थित एक डायग्नोस्टिक सेंटर से 5.94 करोड़ रुपए की अघोषित आय उजागर हुी है। अजमेर में यह अब तक सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। सर्वे में डायग्नोस्टिक सेंटर में मशीन में आ रही रीडिंग की एंट्री प्राप्ति रसीदों में नहीं पाई गई। अर्थात जितनी जांचें हुई उन्हें रजिस्टर में अंकित करना नहीं पाया गया।
विभाग ने 29 अक्टूबर को की गई कार्रवाई के बाद जब्त रजिस्टर व अन्य दस्तावेजों, रसीद बुकों की जांच के बाद विभाग ने 5.94 करोड़ रुपए की अघोषित आय मानी है। सेंटर संचालक चिकित्सक दंपती को अब उक्त राशि के अनुपात में 30 प्रतिशत आयकर व 30 प्रतिशत जुर्माना तथा अन्य कर के बाद करीब 65 प्रतिशत तक राशि बतौर आयकर जमा करानी होगी।
आयकर विभाग के मुख्य आयुक्त श्याम कुमार के निर्देश पर अतिरिक्त आयुक्त एस. के. मीणा ने टीमों का गठन कर विभिन्न स्थानों पर सर्वे किया था।
आयकर विभाग की टीमों ने गत 29 अक्टूबर को वैशाली नगर स्थित एक डायग्नोस्टिक सेंटर पर सर्वे की कार्रवाई की। सर्वे की कार्रवाई के दौरान सेंटर पर मशीनों के जरिए की गई जांचों के इंद्राज दस्तावेजों व एंट्री रजिस्टर में नहीं पाए गए हैं।
सोनोग्राफी सहित कई जांचें की जाती हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार चिकित्सकों ने पिछले कुछ वर्षों से दस्तावेजी इंद्राज कम किए जबकि मशीनों की जांच रीडिंग अधिक आई।
यह होती हैं जांचें
डायग्नोस्टिक सेंटर पर एमआरआई, सोनोग्राफी, डॉप्लर टेस्ट कराए जाते हैं। एमआरआई की कीमत मर्ज के अनुसार 3 से 20 हजार रुपए तक, सोनोग्राफी में 300 से 1000 रुपए तक व डॉप्लर टेस्ट 3000 रुपए तक प्रति मरीज वसूले जाते हैं।
और भी हैं नजर में
आयकर विभाग की नजर में शहर के कुछ और डायग्नोस्टिक सेंटर सहित कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी हैं जहां आय से अधिक संपत्ति होने की जानकारी है। विभाग अपने स्तर पर जांच करवाने के बाद सर्वे की कार्रवाई करेगा।
Published on:
25 Nov 2018, 3:22 PM IST
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