
इंदिरा गांधी मातृत्व योजना में जिलेभर में 5400 महिलाओं को मिला फायदा
अजमेर. इंदिरा गांधी मातृत्व पोषण योजना में महिलाओं को लाभ मिल रहा है। अजमेर जिले में करीब 5400 महिलाओं को अब तक इसका लाभ मिला है। जिनमें ग्रामीण महिलाओं की संख्या ज्यादा है। महिला एवं बाल कल्याण विभाग की इस योजना में जिले में सर्वाधिक पंजीयन केकड़ी व न्यूनतम अरांई का है।
योजना के लिहाज से जिले को 13 उपखण्डों में बांटा गया है। केकड़ी ब्लॉक में सर्वाधिक 644 664 महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया। जबकि अरांई ब्लॉक में न्यूनतम 82 महिलाओं को ही योजना का लाभ मिला है।
तीन ब्लॉक में ही 500 के पार
जिले के 13 में से तीन ब्लॉक में ही पांच सौ से अधिक महिलाओं को आईजीएमपीवाय योजना का लाभ मिला है। श्रीनगर में 595, किशनगढ़ ग्रामीण में 569 महिलाओं को लाभ मिला है। इसी तरह अजमेर शहर, मसूदा, पीसांगन, जवाजा में लाभार्थियों की संख्या चार सौ से अधिक है।
ऐसे मिलता है योजना का लाभ
इंदिरा गांधी मातृत्व पोषण योजना में महिलाओं को दूसरी संतान होने पर पौष्टिक आहार के लिए 6 हजार रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। योजना में प्रथम किस्त के रूप में एक हजार रुपए गर्भावस्था की जांच व पंजीकरण होने पर दिए जाते है। गर्भावस्था के छह माह के भीतर दूसरी किस्त के रूप में एक हजार रुपए दिए जाते हैं। तीसरी किस्त बच्चे के जन्म पर दी जाती है। जिसमें पुत्र होने पर चार हजार व पुत्री होने पर छह हजार रुपए दिए जाते हैं।
जिलेभर में इतना पंजीयन
आईजीएमपीवाय योजना में अजमेर में 437, अरांई 82, ब्यावर शहर 222, भिनाय 307, जवाजा 409, केकड़ी 664, किशनगढ़ शहर 348, किशनगढ़ ग्रामीण 569, मसूदा 493, पीसांगन 471, पुष्कर 385, सरवाड़ 402, श्रीनगर 595 महिलाओं को लाभ मिला है।
इनका कहना है...
योजना से महिलाओं को लाभ मिल रहा है। जिले के 13 ब्लॉक में केकड़ी में सर्वाधिक लाभार्थी है। जहां कम हैं वहां महिलाओं को अधिक जागरूक किया जाएगा।
सिकराराम चोयल, उपनिदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग
Published on:
06 May 2023 08:30 pm
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