
आज से कोर्ट में सुनाई देंगे मी लार्ड के फरमान
अजमेर. नाबालिग लड़की से बलात्कार के मामले में पुलिस की तत्परता और सजगता की पोल खुल गई। नसीराबाद सिटी थाने में दर्ज हुए एक मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के 90 दिन बाद भी पुलिस प्रकरण में चालान पेश नहीं कर सकी। कोर्ट ने आरोपी के वकील की ओर से पेश याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए। प्रकरण में अगली पेशी 7 जनवरी को है।
अधिवक्ता महावीर सिंह लखावत व प्रभु गुर्जर ने बताया कि नसीराबाद सदर थाने में नसीराबाद गांधी चौक निवासी पीयूष जैन के खिलाफ नाबालिग लड़की से बलात्कार के आरोप में प्रकरण दर्ज करवाया गया। नसीराबाद थाना पुलिस ने पीयूष को 19 सितम्बर को गिरफ्तार कर लिया। उसे 18 सितम्बर को अदालत ने न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। पीयूष को जेल भेजने के 90 दिन बाद भी पुलिस आरोपी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश नहीं कर सकी। इस पर आरोपी के अधिवक्ता महावीरसिंह लखावत के जरिए विशिष्ट न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम संख्या एक में अपील दायर की। अदालत ने अपील पर सुनवाई करते हुए लखावत की ओर से रखे गए तर्क से सहमत होते हुए पीयूष जैन की जमानत स्वीकार करते हुए रिहा करने के आदेश दिए।
Published on:
02 Jan 2020 11:18 pm
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