
ada give mony for smart city
भूपेंद्र सिंह/अजमेर।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे अजमेर विकास प्राधिकरण ने बिना सोचे समझे स्मार्ट सिटी कम्पनी को 4 करोड़ रुपए की सहायता दे दी। यह हाल तब है जबकि प्राधिकरण को खुद का काम करवाने के लिए 100 करोड़ रुपए का कर्ज चाहिए। अफसरों की इस दरियादिली पर अध्यक्ष शिवशंकर हेड़ा ने खुल कर नाराजगी जताई है।
एडीए के एक अफसर को छोड़ सभी इसके विरोध में नजर आ रहे हैं। स्मार्ट सिटी कम्पनी के पास खुद का 2000 हजार करोड़ रुपए का बजट है। इसमें से 200 करोड़ रुपए की राशि मिल भी चुकी है। शहर के अधिकर विभाग चाहते हैं कि उन्हें स्मार्ट सिटी कम्पनी से कोई न कोई मदद मिल जाए। नगर निगम ने इसमें बाजी भी मारी है।
बसों की खरीद, चौपाटी का निर्माण, डीवीङ्क्षडग मशीन आदि के कार्य स्मार्ट सिटी के तहत करवाए जा रहे हैं। ऐसे में एडीए को स्मार्ट सिटी कम्पनी को एक साथ 4 करोड़ की राशि देना गले नहीं उतर रहा है। अध्यक्ष ने अधिकारियों के समक्ष इस पर खुल कर नाराजगी जताई है।
... तो बिजली-पानी के मामलों में होती प्रगति
एडीए पृथ्वीराज नगर योजना, डीडीपुरम, महाराणा प्रताप, ब्यावर रोड तबीजी में बनाए गए अर्फोडेबल आवास में वर्षों बाद भी बिजली-पानी नहीं पहुंचा सका। इससे यह योजनाएं विकसित नहीं हो पा रही हैं और लोग धक्के खाने को मजबूर हैं। वहीं एडीए विद्युत व जलदाय महकमे से अपनी शर्तों पर यह सुविधाएं लेना चाहता है जबकि बिजली व पानी के महकमे अपनी शर्तों पर अड़े हुए हैं।
मामला राज्य सरकार के स्तर पर भी कई बार उठ चुका है लेकिन निपटारा नहीं हो सका। यदि एडीए यही 4 करोड़ रुपए जलदाय विभाग को ही दे देता तो एडीए की कुछ आवासीय योजनाओं में पानी पहुंचाने का रास्ता साफ हो जाता और विवाद भी हल हो जाता।
सामाजिक सरोकार में बहानेबाजी
अजमेर रेलवे स्टेशन के सैकंड एन्ट्रीगेट के लिए एडीए को रेलवे को 1 करोड़ रुपए का भुगतान करना है। नगर निगम अपनी एक करोड़ की सहायता राशि दे चुका है। लेकिन रेलवे की मांग के बावजूद एडीए ने अब तक अपने हिस्से के 1 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान नहीं किया है। एडीए को पुष्कर में ब्रह्मामंदिर नवीन स्वरूप के निर्माण में भी 12.5 करोड़ रुपए का भुगतान करना है।
इधर 100 करोड़ के कर्ज की तैयारी
एडीए अपनी माली हालत सुधारने तथा अपने प्रमुख प्रोजक्ट पूरा करने के लिए सौ करोड़ रुपए के कर्ज लेने की योजना बना रहा है। एडीए को पाल बीसला वैकल्पिक मार्ग निर्माण, महर्षि दयानन्द स्मारक, जनाना रोड को सिक्स लेन किए जाने तथा जयपुर रोड को सिक्स लेने किए जाने के के अलावा पुष्कर में स्प्रिचुअल हब, स्वास्तिक सिटी के लिए लिए करोड़ों रुपए की आवश्यक है।
वर्तमान में एडीए की माली हालत खस्ता है। नालामी के जरिए प्लॉट बेचने में एडीए को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्लॉट बेचने की राशि को एडीए कर्मचारियों व अधिकारियों को तनख्वाह व पेंशन देने तथा एडीए के खर्च निपटाने में खर्च हो रही है।
हाल ही कलक्ट्रेट में आयोजित बैठक में राशि देना तय हुआ था। स्मार्ट सिटी सबका कॉमन प्रोजक्ट है। यह एडीए की हिस्सा राशि थी इसलिए देनी पड़ी।
-हेमंत माथुर, सचिव अजमेर विकास प्राधिकरण
Published on:
30 Nov 2017 08:56 am
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