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अतिक्रमण हटाने के बजाय एडीए पुलिस बेच रही है जूते

कार में चल रहा है धंधा,दिनभर आते हैं ग्राहकआमजन के प्रवेश पर तीन बजे तक है रोक
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अजमेर

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bhupendra singh

•

Updated: 19 Oct 2019, 5:02 AM IST

अतिक्रमण हटाने के बजाय एडीए पुलिस बेच रही है जूते

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भूपेन्द्र सिंह
अजमेर. अजमेर विकास प्राधिकरण ada की भूमि से अतिक्रमण encroachment हटाने के बजाय आजकल प्राधिकरण पुलिस ADA police जूते-चप्पल और जींस बेच रही है। यह कारोबार प्राधिकरण परिसर में खड़ी पुरानी कार से चलाया जा रहा है। पुलिसकर्मी ऑन ड्यूटी ग्राहकों को जूते shoes बेच रहे हैं। शुक्रवार दोपहर को प्राधिकरण में बनी पुलिस चौकी के सामने कार (आरजे 14 7सी 6617) में सिपाही सिविल ड्रेस में ग्राहकों को जूते बेचता नजर आया। जब उसकी फोटो खी चेवीडियो बनाए गए तो सिपाही कुंदन लाल मौर्य ने कहा कि मुझे जानते नहीं हो क्या। मामले की जानकारी लगते हुए पुलिसकर्मी सहित ग्राहक भी भाग छूटे। पुलिसकर्मी की प्रतिनियुक्त पिछले माह ही खत्म हो चुकी है। कार में जूते बेचने का धंधा लम्बे समय से चल रहा है। एडीए में नियुक्त अधिकतर पुलिस कर्मी सिविल ड्रेस में ही नजर आते हैं।
रिसेप्शन व पार्किग भी संभाल रहे पुलिसकर्मी
प्राधिकरण की पुलिस विंग में लगाए गए पुलिसकर्मी व होमगार्ड अतिक्रमण हटाने व प्राधिकरण की योजनाओं का दौरा करने में कम और प्राधिकरण का रिसेप्शन व पार्किग संभालने में ही अधिक व्यस्त रहते हैं। इसके अलावा स्मारकों व उद्यानों की सुरक्षा का जिम्मा भी इन्हें के सिर पर है। एडीए की पुलिस चौकी में शहर के एक भी भू-माफिया का फोटो नहीं लगा है।
महिला कांस्टेबल का पद ही नही फिर भी दे रहे
ड्यूटीप्राधिकरण की पुलिस विंग में एक एडिशनल एसपी,एक थानेदार व 6 कांस्टेबल की पोस्ट है। महिला कांस्टेबल के पद ही स्वीकृत नहीं है। इसके बावजूद महिला हेड कांस्टेबल व महिला होमगार्ड भी ड्यूटी संभाल रही है। हाल तो यह है कि एक छोटी से झोपड़ी का अतिक्रमण हटाने के लिए जिला पुलिस का जाप्ता मांगा है। इसके इंतजार में महिनों तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ठप रहती है।
परिसर में लावारिस खड़े रहते हैं वाहन
आमजन के वाहनों के प्रवेश पर भले ही एडीए की रोक हो लेकिन एडीए में बड़ी संख्या में लावारिस कार व मोटर लाइकिलें महीनों तक खड़ी रहती हैं। एडिशनलए एसपी रैंक के अधिकारी व भारी भरकम पुलिस बल होने के बावजूद एडीए में चोरी की दो-तीन वारदात हो चुकी है। पूर्व में एडीए कमिश्नर का एसी भी चोरी हो चुका है। इसका मुकदमा दर्ज हुआ था।
इनका कहना है

मै जूते नहीं बेच रहा था। मै तो आधे दिन की छुट्टी पर था। भाई जूते दिखा रहा था। मै अपने लिए देख रहा था। गाड़ी संजय खान की है। इसके दोनो टायर पंक्चर हो गए थे।
कुंदन लाल मौर्य,कांस्टेबल एडीए पुलिस विंग
मामले की जांच करवाएंगे,यदि दोषी पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी।
गौरव अग्रवाल,कमिश्नर एडीए

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