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आपको भी हैरान कर देगी पानी पिलाने की ये ट्रिक, कुछ अलग ही अंदाज है इसका

शहर को प्रतिदिन पानी उपलब्ध करवाने के लिए स्मार्ट सिटी की मूल भावना के विपरीत जलदाय विभाग ने सर्वे करवाया है।

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drinking water

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अजमेर

अजमेर विकास प्राधिकरण ने अपनी पांच योजनाओं में पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए अब अजमेर स्मार्ट सिटी से मदद मांगी है। प्राधिकरण आयुक्त ने स्मार्ट सिटी के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी को पत्र लिख कर पृथ्वीराज नगर योजना, महाराणा प्रताप नगर योजना, डीडी पुरम योजना, अफोर्डेबल हाउसिंग योजना तबीजी तथा ट्रांसपोर्ट नगर योजना में पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए कहा है।

इन योजनाओं में पानी पहुंचने से करीब 50 हजार की आबादी की प्यास बुझेगी। शहर को प्रतिदिन पानी उपलब्ध करवाने के लिए स्मार्ट सिटी की मूल भावना के विपरीत जलदाय विभाग ने सर्वे करवाया है उसमें प्राधिकरण की विकसित योजनाओं को छोड़ते हुए पूरे अजमेर शहर का सर्वे कराया गया है। जबकि एडीए की योजनाएं भी शहर में ही विकसित की जा रही है तथा अजमेर शहर के निवासी ही इससे लाभान्वित हैं।
जलदाय विभाग के पास जवाब नहीं

जलदाय विभाग के अधिकारी भी चर्चा पर यह नहीं बता सके कि एडीए की योजनाओं को स्मार्ट सिटी एवं अमृत योजना से क्यों वंचित रखा गया। अमृत योजना में केन्द्र सरकार द्वारा राशि आवंटित की गई है। इसके बावजूद प्राधिकरण की योजनाओं में जो कि अजमेर शहर की जनता के लिए विकसित की गई है उनहें पेयजल से वंचित रखा गया है।

जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग द्वारा अव्यवहारिक रवैया अपना गया है। इसलिए प्राधिकरण की आवासीय योजनाओं को भी स्मार्ट सिटी की समस्त योजनाओं में शामिल किया जाए। मुख्यरूप से वह योजनाएं जो पेयजल आपूर्ति वंचित रखी गई है।

एडीए खुद दे रहा है 40 करोड़

प्राधिकरण के अनुसार स्मार्ट सिटी का मूल उद्देश्य सम्पूर्ण शहर का विकास करना है। वर्तमान में स्मार्ट सिटी एवं अमृत योजना में पूरे अजमेर शहर को 24 घंटे जलापूर्ति के लिए मौजूदा पेयजल ढांचे का सुदृढि़करण करने के लिए 103 करोड़ रुपए का वर्क ऑर्डर जारी किया गया है।

स्मार्ट सिटी योजना के तहत कुल 400 करोड़ रुपए के परियोजना में से अजमेर विकास प्राधिकरण के हिस्सा राशि 40 करोड़ रुपए अंशदान दिया जाना प्रस्तावित है। जिसमें से 4 करोड़ रुपए की राशि प्राधिकरण दे चुका है।