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अब कोर्ट में अपनी सीट पर नजर नहीं आने वाले अफसरों पर इस तरह नजर रखेगा प्रशासन

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अजमेर

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Sonam Ranawat

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Updated: 9 Sep 2018, 2:00 PM IST

Court

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अजमेर. प्रदेश में राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए ऑनलाइन प्रणाली को और कारगर बनाया जाएगा। इसके लिए जल्द ही फैसलों में ई- साईनिंग व्यवस्था व मोबाइल एप्लीकेशन शुरू की जाएगी। इससे पक्षकार मुकदमे की तमाम जानकारियां घर बैठे हासिल कर सकेगा। यह जानकारी राजस्व मंडल अध्यक्ष वी. श्रीनिवास ने संभागीय आयुक्त व जिला कलक्टर्स को वीडियो कांफ्रें सिंग में दी।

उन्होंने निर्देश दिए कि अधीनस्थ उपखंड मजिस्ट्रेट की अदालतों में नियमित बैठक कर राजस्व मुकदमों का निस्तारण किया जाए, जो अधिकारी अदालतों में नहीं बैठेंगे उनकी रिपोर्ट तत्काल राजस्व मंडल मुख्यालय को मिल जाएगी।


राजस्व मंडल अध्यक्ष ने जिला कलक्टर्स व राजस्व अधिकारियों को समस्त राजस्व कार्य ऑनलाइन करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि राजस्व न्यायालयों में फैसलों की ई-साइनिंग प्रणाली लागू होने के बाद फैसलों पर पीठासीन अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर होंगे। उन्होंने बताया कि राजस्थान देश का पहला डिजिटल राजस्व मंडल है, जहां ऑनलाइन काम हो रहा है। अब तक 5 लाख 92 हजार प्रकरण ऑनलाइन दर्ज किए जा चुके हैं।

ई- फाइलिंग की ओर कदम
ई फ ाइलिंग प्रक्रिया के लिए राजस्थान राजस्व बार एसोसिएशन से चर्चा करने के लिए राजस्व मंडल सदस्य राकेश जायसवाल एवं अतिरिक्त निबंधक सीमा शर्मा को मनोनीत किया गया है। उन्होंने राजस्व प्रकरण निपटाने में उपखंड अधिकारी स्तर पर 12 से 15 दिन तथा राजस्व अपील अधिकारी एवं सहायक कलक्टर स्तर पर प्रतिमाह 18 से 21 दिन कोर्ट लगाने की अनिवार्यता बताई।

उपखंड अधिकारी प्रतिमाह 20 व एसीएम कोर्ट 30 प्रकरणों का निस्तारण करेंगे। वीसी में मंडल सदस्य मोडूराम देथा, इंद्र सिंह राव, राकेश जायसवाल, सूरजभान जैमन, धूकलराम कस्वॉ, निबंधक विनीता श्रीवास्तव, अतिरिक्त निबंधक सीमा शर्मा, उप निबंधक सुरेश सिंधी व भावना गर्ग, संयुक्त निदेशक कंप्यूटर ओपी बंसल तथा सभी संभागीय आयुक्त एवं जिला कलक्टर मौजूद रहे।


डिजिटल काम से पारदर्शिता बढ़ी है। फैसलों की गुणवत्ता में वृद्धि आई है। पक्षकारों को जल्द मुकदमे की जानकारी मिल रही है।

वी. श्रीनिवास, अध्यक्ष राजस्व मंडल ,राजस्थान अजमेर


आंकड़ों की जुबानी

बकाया प्रकरणों की स्थिति - राजस्व मंडल में 64 हजार प्रकरण - संभागीय स्तर पर 8 हजार प्रकरण- राजस्व अपील अधिकारी स्तर पर 32 हजार प्रकरण - जिला कलक्टर स्तर पर 14 हजार प्रकरण - एडीएम स्तर पर 33 हजार प्रकरण - सहायक कलक्टर स्तर पर 29 हजार प्रकरण - उपखंड अधिकारी स्तर पर 3 लाख 55 हजार प्रकरण- तहसील व अधीनस्थ अदालत स्तर पर 5 लाख प्रकरण


मोबाइल एप पर कार्य 25 से राजस्व मंडल अध्यक्ष ने कहा कि रेवेन्यू कोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के तहत मोबाइल एप पर कार्य 25 सितंबर से आरंभ हो जाएगा। इसके तहत संबंधित अधिवक्ता, आम नागरिक एवं न्यायालय प्रशासन को कॉज लिस्ट निर्णय की प्रति, खसरा नंबर एवं गांव के नाम से मुकदमे की जानकारी मिल सकेगी।

रीडर के लिए मांगे जाएंगे आवेदन
अध्यक्ष ने बताया कि विभिन्न राजस्व न्यायालयों में त्वरित निस्तारण के लिए विभिन्न विभागों में कार्यरत कार्मिकों के माध्यम से रीडर का कॉडर बनाने के लिए राजस्व मंडल आवेदन आमंत्रित करेगा।

ई- साइनिंग प्रशिक्षण कार्यशाला 10 को

राजस्व प्रकरणों के निर्णय को ई-साइनिंग के जरिए आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज कराने को लेकर कार्यशाला 10 सितंबर को राजस्व मंडल में आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में राज्य के हर जिले से दो- दो मास्टर ट्रेनर भाग लेंगे। राजस्व मंडल सदस्य इंद्रसिंह राव पर्यवेक्षक होंगे।