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सीमित है प्रवेश, कैसे मिले सबको अंग्रेजी शिक्षा, शुरू हों प्रस्तावित स्कूल

- महात्मा गांधी स्कूल: एक कक्षा में 25 से 30 छात्र-छात्राओं से अधिक को नहीं मिल रहा प्रवेश - हिन्दी माध्यम में नहीं है छात्र संख्या का कोई मापदंड - प्रदेश में करीब 212 से स्कूल इस साल हुए हैं प्रारंभ, सरकार बढ़ाए प्रवेश संख्या सीमा सरकारी अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाने का कई परिवारों का सपना पूरा नहीं पा रहा है। राजकीय महात्मा गांधी अंग्रेजी विद्यालयों में निर्धारित सीटों पर ही प्रवेश की प्रक्रिया के कारण कई बच्चे प्रवेश नहीं ले पाए हैं।

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अजमेर

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Dilip Sharma

Jul 09, 2022

सीमित है प्रवेश, कैसे मिले सबको अंग्रेजी शिक्षा, शुरू हों प्रस्तावित स्कूल

सीमित है प्रवेश, कैसे मिले सबको अंग्रेजी शिक्षा, शुरू हों प्रस्तावित स्कूल

धौलपुर. सरकारी अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाने का कई परिवारों का सपना पूरा नहीं पा रहा है। राजकीय महात्मा गांधी अंग्रेजी विद्यालयों में निर्धारित सीटों पर ही प्रवेश की प्रक्रिया के कारण कई बच्चे प्रवेश नहीं ले पाए हैं। यह हालात अकेले धौलपुर के नहीं बल्कि, प्रदेश भर के हैं। राज्य सरकार की ओर से प्रदेशभर में अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों को खोलकर मध्यम व निम्न आय वर्ग के परिवारों के बच्चों को भी अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में पढ़ाने का मौका दिया है लेकिन, कुछ बाध्यताएं कई परिवारों के आड़े आ रही है। संबंधित कक्षाओं में एक ही सेक्शन होने व सीटें निर्धारित होने से इनसे अधिक कई बच्चे प्रवेश नहीं ले पाए। प्रवेश वंचित कई बच्चों के अभिभावक भी चाहते हैं कि यह सीटें बढ़ाई जाए।

यह है बाध्यता

महात्मा गांधी अंग्रेजी विद्यालयों में नर्सरी, एलकेजी, एचकेजी में 25-25 सीट, कक्षा 1 से 5 तक 30 एवं कक्षा 6 से 8 तक में 35 बच्चों को ही प्रवेश देना अनिवार्य किया गया है। इसी तरह कक्षा 9, 10 व 11 में 60-60 बच्चों को प्रवेश की अनिवार्यता रखी गई है।

हिन्दी माध्यम में यह है व्यवस्था

हिन्दी माध्यम के सरकारी प्राथमिक कक्षाओं में करीब साल भर तक प्रवेश दिया जा सकता है। वहीं प्रवेश की कोई संख्या सीमा तय नहीं है। न ही कोई नियम बना हुआ है।

धौलपुर जिले में 20 स्कूल प्रस्तावित

विभागीय स्तर पर जिले में 20 नए विद्यालयों में महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तन के प्रस्ताव सरकार को भिजवाए गए हैं। धौलपुर शहर में वर्तमान में सिटी कोतवाली स्कूल अंग्रेजी माध्यम के रूप में संचालित हो रहा है।

शहरी क्षेत्र के यह विद्यालय प्रस्तावित

शहरी क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय इंफेंट धौलपुर, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय धौलपुर, राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय धौलपुर, राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय बाड़ा हैदरशाह धौलपुर, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कायस्थपाड़ा धौलपुर, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तिमासिया बसेड़ी, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बसेड़ी, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला दरवेशा बसेड़ी, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मढ़बादरी बसेड़ी, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सरमथुरा, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गुमट बाड़ी, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गढ़ी फकीरा बसेड़ी, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राजाखेड़ा, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गढ़ी चिंतामन राजाखेड़ा तथा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय अम्बरपुर राजाखेड़ा शामिल हैं।

ग्रामीण क्षेत्र के यह विद्यालय प्रस्तावित

ग्रामीण क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सैंपऊ, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बसई नवाब, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मनियां, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भैसेना तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय विरोंधा शामिल हैं।

तीन नए स्कूलों में शुरू प्रवेश प्रक्रिया

जिले में नव स्थापित अंग्रेजी माध्यम स्कूलों राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कासौटी खेड़ा तथा नादनपुर एवं राजकीय प्राथमिक विद्यालय छिंगापुरा में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। ये तीनों ही स्कूल बसेड़ी विधानसभा क्षेत्र में हैं। इनमें आठ जुलाई को लॉटरी निकाली जाएगी। प्रवेश एवं शिक्षण कार्य 11 जुलाई से शुरू हो जाएगा।

इनका कहना है

महात्मा गांधी अंग्रेजी सरकारी विद्यालयों में प्रवेश की सीटें निर्धारित हैं। हिन्दी माध्यम की स्कूल में कोई संख्या सीमा निर्धारित नहीं है। वहां के भौतिक संसाधन अनुुसार प्रवेश दे सकते हैं। अंग्रेजी माध्यम में तो कक्षा 1 से 5 तक 30-30 सीटें निर्धारित है।

- केदार गिरि गोस्वामी, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रारंभिक धौलपुर