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Beawar Railway Station: ब्यावर शहर का रेलवे स्टेशन करीब 146 साल बाद नए भवन से संचालित होगा। अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के तहत स्टेशन का पुनर्विकास कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। हालांकि निर्धारित समय निकलने के बावजूद काम अब तक पूरा नहीं हो सका है और इसकी गति धीमी बनी हुई है। करीब 15.55 करोड़ रुपए की लागत से किए जा रहे इस पुनर्विकास कार्य में स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। वर्तमान में स्टेशन भवन के अंदर रंग-रोगन सहित कई कार्य पूरे किए जा चुके हैं।
बुकिंग विंडो सहित अन्य व्यवस्थाएं तैयार हो चुकी है और अब पूरा परिसर नए लुक में नजर आने लगा है। योजना के तहत स्टेशन पर मुख्य भवन का विस्तार, द्वितीय प्रवेश द्वार, प्लेटफॉर्म पर कोच इंडिकेशन बोर्ड, सर्कुलेटिंग एरिया का विकास, अलग प्रवेश और निकास द्वार, ऑटो व वाहनों के लिए पार्किंग, यात्रियों के लिए पोर्च, पुरुष और महिला शौचालय, आधुनिक प्रतीक्षालय, नए प्लेटफॉर्म शेल्टर, दिव्यांगजन सुविधाएं, पानी बूथ, बेहतर साइनेज और आधुनिक फर्नीचर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही है।
स्टेशन के अपग्रेडेशन के तहत मिल कॉलोनी की ओर दूसरा प्रवेश द्वार भी बनाया जा रहा है। इसके बनने से इस क्षेत्र के यात्रियों को मिल गेट समपार पार कर लंबी दूरी तय करने की समस्या से राहत मिलेगी। नए निर्माण में अतिरिक्त प्रवेश द्वार, बुकिंग कार्यालय, प्लेटफॉर्म शेड, प्रतीक्षालय, शौचालय और फुटओवर ब्रिज पर लिफ्ट जैसी सुविधाएं शामिल है।
व्यावर रेलवे स्टेशन का इतिहास 19वीं सदी से जुड़ा हुआ है। बॉम्बे बड़ौदा एंड सेंट्रल रेलवे कंपनी ने वर्ष 1878 में स्टेशन का निर्माण शुरू किया था, जो 1880 में बनकर तैयार हुआ। उस समय की स्थापत्य शैली के अनुसार मुख्य भवन पर बने बड़े गुंबद इसकी पहचान रहे हैं। लंबे समय तक यही गुंबद स्टेशन का प्रतीक बने रहे। अब पुराने गुंबदनुमा भवन से प्रशासनिक कार्यालय, बुकिंग विंडो और प्रतीक्षालय को नए भवन में स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
Updated on:
12 Apr 2026 06:45 pm
Published on:
12 Apr 2026 10:52 am
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