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पुष्कर घाटी पर सुरंग निर्माण का सपना फेल होने के बाद अब सडक़ को फोर लेन करने की तैयारी

२.४ किमी सडक़ को किया जाएगा १०-१५ मीटर चौड़ा काटी जाएगी पहाड़ी, एडीए ने करवाया सर्वे

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पुष्कर घाटी पर सुरंग निर्माण का सपना फेल होने के बाद अब सडक़ को फोर लेन करने की तैयारी

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भूपेन्द्र सिंह

अजमेर. अजमेर- पुष्कर के बीच पुष्कर घाटी Pushkar valley पर सुरंग tunnel बनाए जाने का प्रस्ताव फेल होने के बाद अब घाटी की सडक़ को चौड़ा कर फोर लेन four lane road किए जाने की कवायद शुरु हो गई। इसके लिए मौजूदा सडक़ के पास पहाड़ी को १०-१५ मीटर काटा जाएगा। घाटी की २.४ किमी सडक़ को फोरलेन किए जाने के लिए अजमेर विकास प्राधिकरण आयुक्त गौरव अग्रवाल के निर्देश पर भीलवाड़ा की एक फर्म ने सर्वे किया है। जल्द ही इसकी फिजिबिल्टी जांचते हुए तय किया जाएगा कि सडक़ की चौड़ाई कहां से बढ़ाई जाए। घाटी पर सुरंग बनाए जाने से मौजूदा सडक़ की चौड़ाई बढ़ाया जाना सस्ता विकल्प है। इस पर १०-१२ करोड़ रुपए की खर्च होंगे। एडीए ने मौजूदा सडक़े लिए मालिकाना हक की जानकारी के लिए भी पत्र लिखा है ।हालांकि सडक़ की चौड़ाई बढ़ाने के लिए वन, पर्यावरण सहित अन्य महकमों से अनुमति लेनी होगी।

फुटपाथ व सडक़ की चौड़ाई बढ़ाने का चल रहा है काम

मित्तल अस्पताल तिराहे से नौसरघाटी तक सडक़ को चौड़ा किया जा रहा है। डिवाईडर की मरम्मत का काम जारी है। प्राधिकरण के तत्तकालीन आयुक्त निशांत जैन ने इसके लिए मूंजरी दी थी।

सुरंग से न धन बच रहा न समय

पुष्कर घाटी पर सुरंग बनाने की घोषणा पिछली सरकार ने २०१८-२०१९ की बजट में की थी इसके लिए ५५ करोड़ रुपए प्रस्तावित किए गए थे। सुरंग से होने वाले लाभ को देखते हुए बनाने की लागत, समय और लाभ लागत अनुपात में टनल निर्माण लाभकारी नहीं मानी गई। एडीए की पूर्व रिपोर्ट के अनुसा सुरंग का निर्माण फायदेमंद नहीं है। एलाइनमेंट-१ में टनल की लम्बाई २.४ किमी दर्शाई गई है। पुष्कर घाटी पर रोड की वास्तविक रोड की लम्बाई २.१ किमी ही है। जो डीपीआर तैयार हुई उसका आधार २.४ किमी माना गया इसी के आधार पर सभी गणना की गई है। २५ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दूरी तय करने व ३ मिनट जाम व टर्निंग माने हैं जो तकनीकी रूप से सही नहीं हैं। दूसरे व तसरे एलाइनमेंट में भी यह समस्या है।तीनों रूट लाभकारी नहीं सुरंग बनने से मिलने वाला लाभ समय व इंधन की खपत और लागत का अनुपात लगभग बराबर या अधिक होना चाहिए। डीपीआर बनाने वाली कम्पनी ने यह अनुमात पहले अलाइमेंट में १.३६, दूसरे में .९८ तथा तीसरे में १.१२ रखा गया है। जबकि यह वास्तविकता में यह ०.७५२, ०.४३४ तथ ०.७८४ यानी कि १ से कम है। डीपीआर में पेट्रोल की कीमत एवरेज ८२ रुपए प्रति लीटर मानी गई है और वाहन का एवरेज १० किमी प्रति लीटर माना गया है। सुरंग बनाने से पहले रूट पर १७.६४ रुपए बच रहे हैं जबकि दूसरे रूट पर १६.२१ रुपए तीसरे पर ३७.२९ रुपए बच रहे हैं। जबकि वास्तव में पहले रूट पर ९.१३ रुपए,दूसरे पर ६.३९ रुपए तथा तीसरे रूट पर २५.७२ रुपए ही बच रहे हैं।

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