
कोर्ट के बाहर मौजूद पुलिस बल
अजमेर। बहुचर्चित अजमेर अश्लील छायाचित्र कांड (Ajmer Blackmail Case ) के दूसरे चरण में पकड़े गए छह आरोपियों के मामले में अदालत ने मंगलवार को फैसला सुना दिया। पोक्सो अदालत (संख्या-2) ने आरोपी नफीस चिश्ती, नसीम उर्फ टार्जन, इकबाल भाटी ,सलीम चिश्ती ,सोहिल गनी और सैयद जमीर हुसैन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर 5-5 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह है प्रकरण : वर्ष 1992 में अजमेर की स्कूली छात्राओं के साथ दुराचार व अश्लील फोटो खींच कर उन्हें ब्लैकमेल करने का मामला उजागर हुआ था। प्रकरण में प्रथम चरण में गिरफ्तार आरोपियों को वर्ष 1998 में उम्रकैद की सजा सुनाने के बाद हाईकोर्ट ने चार आरोपियों की सजा दस साल घटाकर चार को दोषमुक्त किया था। इसके खिलाफ आरोपी सुप्रीम कोर्ट गए जहां उन्हें भुगती सजा पर रिहा कर दिया।
यह थे आरोपी : अनवर चिश्ती, फारुख चिश्ती, परवेज अंसारी, मोईजुल्ला उर्फ पुत्तन इलाहाबादी, इशरत उर्फ लल्ली, कैलाश सोनी, महेश लुधानी, शसू भिश्ती उर्फ मेराडोना व नसीम उर्फ टारजन। सोहेल गनी ने करीब 29 साल फरार रहने के बाद समर्पण किया था। नफीस को दिल्ली में बुर्का पहने गिरफ्तार किया गया था। अलमास महाराज अब भी फरार है जिसके खिलाफ मफरूरी में आरोप पत्र पेश हो चुका है।
Updated on:
20 Aug 2024 05:34 pm
Published on:
20 Aug 2024 02:47 pm
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