29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

DFCC अफसरों और क्षेत्रवासियों में विवाद, थाने पहुंचा मामला

DFCC: पुलिस की समझाइश पर दोनों पक्षों में राजीनामा  
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

Amit Kakra

•

Updated: 4 Aug 2019, 3:16 PM IST

Ajmer DFCC officers and local people have dispute

DFCC अफसरों और क्षेत्रवासियों में विवाद, थाने पहुंचा मामला

अजमेर.

समर्पित माला भाड़ा परियोजना (DFCC) के अधिकारियों और सुभाष नगर, गढ़ी मालियान क्षेत्रवासियों के बीच कहासुनी और हाथापाई हो गई। इस दौरान एक डीएफसीसी (DFCC) अधिकारी की कमीज फट गई। गुस्साए क्षेत्रवासी और अधिकारी-कर्मचारी रामगंज थाना जा पहुंचे। पुलिस की समझाइश पर दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हो गया।

दिल्ली से मुंबई के बीच लगभग 1500 किलोमीटर लंबी समर्पित माला भाड़ा परियोजना (DFCC) पर पिछले 14 साल से कामकाज जारी है। इसकी तहत विद्युतीकृत हाइटेक दोहरा ट्रेक बिछाया जा रहा है। इस पर डबल डेकर मालगाड़ी चलाई जानी है। यह परियोजना शहर के सुभाष नगर और इसके आसपास के इलाकों से गुजर रही है। जमीन अवाप्ति को लेकर क्षेत्रवासियों और (DFCC) परियोजना अधिकारियों के बीच विवाद चल रहा था। बीती 29 जनवरी को जिला प्रशासन की टीम ने पुलिस और डीएफसीसी अफसरों की अगुवाई में जेसीबी चलाकर परियोजना की जद में आ रहे मकान ध्वस्त कर दिए थे।

सडक़-पानी को लेकर ठनी
घर बचाओ संघर्ष समिति के सचिव शक्ति सिंह चौहान ने बताया कि डीएफसीसी और निजी कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी मकानों का मलबा उठाने आए थे। यहां लंबे समय से पेयजल लाइन, रोड क्षतिग्रस्त है। इनकी मरम्मत को लेकर क्षेत्रवासियों ने अधिकारियों को अवगत कराया था।

अधिकारी की फटी कमीज
रामगंज थाना पुलिस (Police) से प्राप्त जानकारी के मुताबिक डीएफसीसी (DFCC) अधिकारियों के साथ दिनभर पुलिस जाप्ता साथ था। शाम को पुलिस और कई अधिकारी लौट गए। पीछे रहे एक अधिकारी और कार्मिकों और महिलाओं-क्षेत्रवासियों से हाथापाई हो गई। इसमें एक अधिकारी की कमीज फट गई। दोनों पक्षों के बीच थाने में समझाइश का दौर चला। बाद में दोनों के बीच राजीनामा हो गया।