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Good news-घूमना है अजमेर-पुष्कर तो हो जाएं तैयार, कुछ यूं दौड़ेंगी ये शानदार बसें

कम्पनी को एक माह में इसकी डीपीआर तैयार कर निगम को उपलब्ध करवानी होगी। कंडम हो चुकी शेष बसें ऑफ रोड हो चुकी हैं।

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new city bus for ajmer

every month 100 new Buses for UP Roadways

भूपेंद्र सिंह/अजमेर।

निगम निगम जल्द ही अजमेर- पुष्कर सिटी बस लिमिटेड के तहत सिटी बस सेवा के लिए नई बसें खरीदेगा। इसके लिए कंसल्टेंट कम्पनी की नियुक्त कर दी है। यह कंसल्टेंट फर्म बस खरीद प्रक्रिया की डीपीआर तथा टेंडर तैयार करने में जुटी है। कम्पनी को एक माह में इसकी डीपीआर तैयार कर निगम को उपलब्ध करवानी होगी। नगर निगम सिटी बस सर्विस के तहत 35 बसें खरीदेगा।

ये बसें 32 सीटर होंगी तथा शहर के भीतरी भागों में भी चलेंगी। अमृत योजना के तहत बस की खरीद पर 10 करोड़ रुपए खर्च होंगे। निगम ने कंसल्टेंट नियुक्ति के लिए निगम ने निविदाएं आमंत्रित की थी। 6 संवेदकों ने निविदाएं दाखिल की। कंसल्टेंसी का ठेका दिल्ली की एक कम्पनी को दिया गया है। कम्पनी अपने सर्वे में यह यह बताएगी की बसों को खरीद कर चलाने पर कितनी राशि खर्च होगी।

रोडवेज से यह मांगी जानकारी
नगर निगम ने राजस्थान पथ परिवहन निगम के अजमेर आगार के प्रबन्ध निदेशक को पत्र लिख कर बसों की आवश्यकता, बसों क फेर, रूट, यात्री किराया तथा जुर्माना, कंसेसनल रेट पर यात्रा करने वाले यात्रियों की सूची मांगी है।

गौरतलब है कि अजमेर- पुष्कर सिटी बस लिमिटेड के तहत अब शहर में सिटी बस सेवा के तहत बसें चलाने का जिम्मा निगम निगम का है। वर्तमान में रोडवेज का अजमेर आगार अजमेर-पुष्कर, पुष्कर से अजमेर, पुष्कर से किशनगढ़, पुष्कर से नसीराबाद, किशनगढ़ से मांगलियावास, नसीराबाद से किशनगढ तथा श्रीनगर से पुष्कर के बीच एसीटीएसएल सेवा के तहत लो-फ्लोर बसों का संचालन किया जाता है।

इस सेवा के तहत रोडवेज के बेड़े में 35 बसें शामिल थीं लेकिन वर्तमान में 12 बसों का ही संचालन किया जा रहा है। ये बसें एजेंटों के माध्यम से चलवाई जा रही हैं। कंडम हो चुकी शेष बसें ऑफ रोड हो चुकी हैं। इनकी मरम्मत के लिए पाट्स भी नहीं मिल रहे। मालूम हो कि तत्कालीन कांग्रेस राज के दौरान यह लो फ्लोर बसें शुरू की गई थीं। इनके संचालन में रोडवेज और अजमेर ट्रांसपोर्ट कॉरपॉरेशन लिमिटेड को करोड़ों रुपए का घाटा हुआ है।