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अजमेर के दामन पर बदनुमा दाग रहो बहुचर्चित अश्लील छायाचित्र ब्लैकमेल कांड के फरार आरोपित सोहेल गनी ने करीब 26 साल बाद अजमेर की महिला उत्पीडऩ मामलात (अत्याचार निवारण प्रकरण) अदालत में सरेंडर कर दिया।
अदालत ने आरोपित को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए। आरोपित की ओर से पेश जमानत की अर्जी पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। जानकारी के अनुसार अजमेर के बहुचर्चित अश्लील छायाचित्र ब्लैकमेल कांड के मामले में आरोपित सोहेल गनी व अल्मास महाराज फरार चल रहे थे। इनमें से गनी ने गुरुवार को अदालत में वकील गुलजीत सिंह छाबड़ा के जरिए समर्पण किया। मामले में आरोपित अल्मास महाराज अब भी फरार है।
वीडियो कैसेट व स्टूडियो की दुकान थी
आरोपित सोहेल गनी की दरगाह बाजार की फूल गली में वीडियो कैसेट की दुकान व फोटो स्टूडियो था। दुकान पर लड़कियां फोटो खिंचवाने आती थीं, जहां गनी फोटो खींच कर उनमें कांट छांट कर देता था। फोटो एडिटिंग करके लड़कियों को ब्लैकमेल किया जाता था।
यह आरोपित सजा भुगत कर बाहर
वकील अजय वर्मा ने बताया कि अजमेर के तत्कालीन सैशन जज के. एल. व्यास ने वर्ष 2002 में आरोपितों अनवर, फारूक चिश्ती, पुत्तन इलाहाबादी, इशरत, परवेज, महेश लुधानी, कैलाश सोनी व हरीश तोलानी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इनमें से चार आरोपितों को अदालत ने बरी कर दिया। शेष आरोपित सुप्रीम कोर्ट पहुुंचे।
सुप्रीम कोर्ट ने इन आरोपितों को भुगती सजा के आधार पर रिहा करने के आदेश दिए। शेष आरोपित जमीर, सलीम, इकबाल भाटी, नफीस चिश्ती बाद में पकड़े गए थे। इनके खिलाफ वर्तमान में मुकदमा विचाराधीन है। एक आरोपित नसीम उर्फ टार्जन फरार हो गया था बाद में उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ भी प्रकरण विचाराधीन है। अन्य आरोपित पुरुषोत्तम वैसली ने आत्महत्या कर ली थी।
देशभर में सुर्खियां बना था कांड
1992 में अश्लील फोटो ब्लैकमेल कांड उजागर हुआ था। एक गिरोह साजिशपूर्वक स्कूल-कॉलेज की लड़कियों को अपने जाल में फंसाता और इसके बाद फार्म हाउस और बंगलों पर इन्हें ले जाकर धोखे से उनके अश्लील फोटो लिए जाते। अश्लील फोटोग्राफी के जरिए लड़कियों को फंसाकर उनसे दुराचार किया जाता। साथ ही दूसरी लड़कियों को फंसाकर लाने को कहा जाता था। उस दौर में यह मामला जब उजागर हुआ तो पूरे शहर और देशभर में सनसनी फैल गई। कई राजननेता और सफेदपोशों के नाम इस स्कैंडल में सामने आए। अफवाहें भी उड़ी लेकिन कुछ साबित नहीं हो सका। प्रकरण के आरोपी फारुख और नफीस चिश्ती कांग्रेस से जुड़े थे। लिहाजा राजनैतिक माहौल भी जरबदस्त गरमाया। भाजपा के लिए यह कई साल तक बड़ा मुद्दा रहा।
यूं फांसते थे लड़कियों को
कई लड़कियों को राजनीति में कॅरियर चमकाने का झांसा दिया गया। दोस्ती गांठकर लड़कियों को शहरी के बाहरी इलाकों में बने फार्म हाउस में ले जाया जाता था। उनके अश्लील फोटो लेकर ब्लैकमेल किया जाता था। एक कलर लैब में यह फोटो तैयार होत थी। यहीं से कुछ फोटो लीक हुए और मीडिया तक पहुंचे थे। इसके बाद यह पूरा मामला उजागर हो पाया था।
Published on:
16 Feb 2018 07:19 am
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