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Ajmer : तेज बारिश से टपकने लगे जर्जर स्कूल के कमरे, भड़के ग्रामीण, बच्चों को कक्षा से तुरंत निकाला, की तालाबंदी

Ajmer School : अजमेर में एक स्कूल के जर्जर कमरों में लम्बे समय से छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। पर आज तेज बारिश की वजह से कमरे टपकने लगे। जानकारी होने पर ग्रामीण भड़क उठे और स्कूल के गेट में ताला लगा दिया।
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Ajmer Pisangan dilapidated school leaking heavy rain Angry villagers staged a blockade

Ajmer School : स्कूल के गेट में ताला लगाकर बैठ ग्रामीण। फोटो पत्रिका

Ajmer School : अजमेर के उपखंड क्षेत्र के लीडी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले पीसांगन मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) मुख्यालय के अधीनस्थ उच्च प्राथमिक विद्यालय में आज ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लंबे समय से प्रशासनिक अनदेखी और जर्जर कमरों में पढ़ रहे मासूमों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। सुबह स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और जमकर नारेबाजी की। इस सूचना के बाद प्रशासन में खलबली मच गई।

सुबह बारिश आते ग्रामीण हुए अलर्ट, सुरक्षा के लिए बच्चों को निकाला

अजमेर में बाहरलीडी सरपंच प्रतिनिधि रामदेव डिया ने बताया कि आज सुबह जैसे ही क्षेत्र में तेज बारिश शुरू हुई, स्कूल के जर्जर कमरों की छत टपकने लगी और उनके ढहने का खतरा बढ़ गया। बच्चों की जान जोखिम में न डालते हुए उन्हें तुरंत कमरों से सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रशासन के अड़ियल रुख और बार-बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई न होने से नाराज ग्रामीणों ने इसके बाद ही स्कूल पर तालाबंदी का ऐतिहासिक कदम उठाया।

₹14 लाख का बजट मंजूर, लेकिन 'खातेदारी' के फेर में फंसा पेंच

मामले का मुख्य विवाद विद्यालय के जमीन रिकॉर्ड और नए कमरों के निर्माण को लेकर है:

विधायक कोष से बजट: वर्तमान में विद्यालय के नए कमरों के निर्माण के लिए विधायक कोष से करीब 14 लाख रुपए की राशि स्वीकृत हो चुकी है।

राजस्व रिकॉर्ड की बाधा: तकनीकी पेंच यह है कि जिस स्थान पर वर्तमान में विद्यालय संचालित हो रहा है, वह जमीन राजस्व रिकॉर्ड (खातेदारी) में स्कूल के नाम दर्ज नहीं है।

परिसर न बदलने की मांग: ग्रामीणों की साफ और दो टूक मांग है कि विधायक कोष के इस बजट से नए कमरों का निर्माण इसी वर्तमान संचालित परिसर में ही किया जाए, ताकि बच्चों को दूर न जाना पड़े।

अधिकारियों के हाथ-पांव फूले, मौके पर पहुंचे अफसर

वर्षाकाल के बीच स्कूल में तालाबंदी और उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए CBEO वीना अग्रावत, कनिष्ठ अभियंता (JEN) ओमप्रकाश सेन और सरपंच प्रतिनिधि रामदेव डिया तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों के आक्रोश को शांत कराया, उनकी न्यायसंगत मांगों को सुना और खातेदारी के इस तकनीकी विवाद को उच्च स्तर पर वार्ता कर जल्द से जल्द सुलझाने का आश्वासन दिया। प्रशासन की समझाइश और ठोस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने ताला खोला, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी।

समझाइश के बाद मामला पूरी तरह शांत हुआ

ग्रामीणों की नाराजगी और बच्चों की सुरक्षा की चिंता के चलते तालाबंदी की स्थिति बनी थी। हमने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से विस्तृत वार्ता की और समझाइश के बाद मामला पूरी तरह शांत हो गया है। विद्यालय में विधायक कोष से जो ₹14 लाख के कमरे स्वीकृत हैं, उनका निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू करवाया जाएगा ताकि बच्चों को बैठने के लिए सुरक्षित और बेहतर भवन मिल सके।"
वीना अग्रावत, सीबीईओ, पीसांगन

प्रदर्शन में ग्रामीण रहे मौजूद

इस दौरान विद्यालय परिसर में प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ मोर्चा खोलने वालों में मुख्य रूप से जितेंद्र पोसवाल, टीकम चौधरी, मुकेश चौधरी, रंगलाल, मल्ला राम गुर्जर, विशाल चौधरी, संदीप चौधरी, लाला राम डिया सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति और अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।